नई दिल्ली,6 सितंबर 2026

शिक्षक दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित शताब्दी समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने Gen Z छात्रों को संबोधित किया। खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो से सफर कर SRCC पहुंचे।

SRCC की 100 साल की यात्रा को बताया ऐतिहासिक

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि SRCC का शताब्दी समारोह ऐतिहासिक अवसर है। 100 साल पूरे करने वाला कोई भी संस्थान सिर्फ एक इमारत नहीं होता, बल्कि उसके पास अनुभव, उपलब्धियों और कई पीढ़ियों की विरासत होती है।

उन्होंने कहा कि SRCC ने कई पीढ़ियों के विद्यार्थियों को आकार दिया और उन्हें बेहतर भविष्य से जोड़ा है।

पीएम मोदी ने दिवंगत भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जेटली इसी कॉलेज के छात्र थे और अपनी बैठकों में अक्सर SRCC का जिक्र किया करते थे।

‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी पर PM मोदी का बयान

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज से निकलने के बाद छात्रों के सामने एक नई दुनिया होगी और उन्हें अपनी सामाजिक ताकत को देश की ताकत में बदलना होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल उन्होंने ऐसे लोगों के लिए किया था, जो हर मुद्दे पर नकारात्मकता फैलाते हैं। उन्होंने इसे समझाने के लिए ‘होम्योपैथिक डोज’ का उदाहरण भी दिया।

पीएम मोदी ने अपने 2013 के संबोधन का जिक्र करते हुए कहा कि उस भाषण का प्रभाव आज भी बरकरार है। उन्होंने कहा कि एक गैंग उनके भाषण को टुकड़े-टुकड़े करके फैला देगी।

2013 की SRCC यात्रा को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने 2013 की अपनी SRCC यात्रा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय महंगाई, करंट अकाउंट डेफिसिट, आर्थिक वृद्धि और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुखता से चर्चा में रहते थे।

उन्होंने कहा कि 13 साल में भारत की तस्वीर बदल चुकी है। पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर से लेकर नॉर्थ ईस्ट तक शांति और माओवाद में कमी का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि दुनिया अब भारत की ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ की नहीं, बल्कि ‘पॉलिटिक्स डायनामिज्म’ की चर्चा करती है।

इस दौरान प्रधानमंत्री का मेट्रो से SRCC पहुंचना भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। मेट्रो यात्रा के दौरान उन्होंने बच्चों, युवाओं और उनके परिजनों से बातचीत की।

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