रायपुर,19 अगस्त 2026

न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के साथ करीब तीन साल तक दुष्कर्म करने, उसे गर्भवती करने और उसकी पहचान छिपाकर अस्पताल में प्रसव कराने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में पीड़िता के पिता और बुआ समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, प्रसव के बाद नवजात बेटे को करीब 1.10 लाख रुपये में दूसरे व्यक्ति को सौंपे जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने बच्चे को बरामद कर लिया है।

2023 से शोषण का आरोप

पुलिस के मुताबिक, घटना के समय पीड़िता की उम्र 16 वर्ष से कम थी। उसने 17 अगस्त को न्यू राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में उसके पिता ने अमलीडीह स्थित रिश्तेदार के घर में जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर भी उसे धमकाया गया। इसके बाद पिता लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा, जिससे वह गर्भवती हो गई।

गर्भपात की दवा खिलाने का भी आरोप

पीड़िता ने जब गर्भवती होने की जानकारी अपनी बुआ को दी तो बुआ ने यह बात उसके पिता को बताई। आरोप है कि इसके बाद पिता गर्भपात की दवा लेकर आया और बुआ की मदद से पीड़िता को मारपीट कर दवा खिलाई गई। इससे उसका गर्भपात हो गया। कुछ समय बाद पिता ने फिर उसका शोषण किया और वर्ष 2025 में वह दोबारा गर्भवती हो गई।

गर्भावस्था की जानकारी सामने आने के बाद पिता उसे बरखा वर्मा उर्फ वर्षा मंडल के घर ले गया। इसके बाद पीड़िता को योगिता राय उर्फ गीता राय के घर भेजा गया, जहां वह करीब दो महीने रही।

फर्जी दस्तावेज बनाकर अस्पताल में कराया प्रसव

जांच में पुलिस को पता चला कि पीड़िता की वास्तविक उम्र छिपाकर उसे बालिग और विवाहित बताया गया। कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे चंगोराभाठा स्थित वासुदेव अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऑपरेशन के बाद पीड़िता ने एक बेटे को जन्म दिया।

पुलिस के अनुसार, प्रसव के बाद नवजात को दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया गया। जांच में बच्चे के करीब 1.10 लाख रुपये में दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है और अब रकम के लेनदेन तथा नवजात को लेने वाले व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है।

नर्सों की भूमिका भी जांच के घेरे में

मामले में गिरफ्तार योगिता राय उर्फ गीता राय और बरखा वर्मा उर्फ वर्षा मंडल के नर्स के रूप में काम करने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि नाबालिग को बालिग और विवाहित बताकर अस्पताल में भर्ती कराने तथा फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में उनकी क्या भूमिका थी।

पुलिस को कुछ आरोपितों के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के रूप में काम करने की जानकारी भी मिली है। पुलिस अस्पताल में भर्ती से लेकर प्रसव और नवजात को दूसरे व्यक्ति को सौंपे जाने तक की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।

पहले भी ऐसी घटनाओं की आशंका

पुलिस को संदेह है कि आरोपितों ने इससे पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया हो सकता है। इसलिए आरोपितों के मोबाइल फोन, संपर्कों, अस्पतालों में आने-जाने और पूर्व में कराए गए प्रसव से जुड़ी जानकारी की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं किसी अन्य नाबालिग या महिला की उम्र और पहचान बदलकर अस्पताल में भर्ती तो नहीं कराया गया।

पिता समेत छह गिरफ्तार

न्यू राजेंद्र नगर पुलिस ने मामले में छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें पीड़िता का पिता, उसकी बुआ, रोहित कुमार राय (35), साहेब मंडल (42), योगिता राय उर्फ गीता राय (32) और बरखा वर्मा उर्फ वर्षा मंडल (34) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

पुलिस अब सभी आरोपितों की भूमिका, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, अस्पताल में भर्ती कराने और नवजात को दूसरे व्यक्ति को सौंपने से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts