रायपुर, 31 जुलाई 2026
NEET-2026 पेपर लीक के विरोध में रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुए प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक पोस्टर लहराने और उनसे जुड़े फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिकायतें मिलने के बाद संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है।
पुलिस पोस्टर लहराने वालों के साथ-साथ उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड और प्रसारित करने वालों की भूमिका की भी जांच कर रही है। प्रदेश के सभी जिलों की पुलिस को सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर के कलेक्टोरेट चौक स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के पास हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें कुछ नाबालिग भी शामिल थे। आरोप है कि उनके हाथों में भी अशोभनीय और आपत्तिजनक संदेश वाले पोस्टर दिए गए थे। प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी जांच की जा रही है।
कानूनी जानकारों के अनुसार, सार्वजनिक स्थान पर अश्लील या आपत्तिजनक पोस्टरों का प्रदर्शन कानून के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। यदि पोस्टरों में महिला का अशोभनीय चित्रण पाया जाता है तो स्त्री अशिष्ट रूपण (प्रतिषेध) अधिनियम भी लागू हो सकता है। वहीं, सार्वजनिक शांति भंग होने या लोगों में क्षोभ फैलने की स्थिति में BNS की धारा 296 के तहत भी कार्रवाई का प्रावधान है।



