रायपुर, 30 जुलाई 2026
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रेस वार्ता में स्वीकार किया कि छत्तीसगढ़ में हाल ही में मलेरिया से 3 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को छिपाया नहीं जा सकता, लेकिन सरकार का प्रयास है कि मलेरिया से एक भी मौत न हो और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि मलेरिया नियंत्रण आज राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि कभी बस्तर की पहचान मलेरिया जैसी गंभीर चुनौती से होती थी, लेकिन अब ‘मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ की सफलता के कारण यह क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बनकर उभरा है।
उन्होंने बताया कि घर-घर सर्वेक्षण, समय पर जांच, त्वरित उपचार, प्रभावी वेक्टर नियंत्रण और जनजागरूकता अभियान के चलते बस्तर संभाग की मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत रह गई है। वहीं राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) 5.21 से घटकर 0.90 पर पहुंच गया है।
मंत्री के अनुसार वर्ष 2015 की तुलना में 2025 तक मलेरिया के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में 16.97 लाख कीटनाशकयुक्त मच्छरदानियों का वितरण किया गया, जिसके लिए राज्य को भारत सरकार से राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट प्रैक्टिस का सम्मान भी मिला।
उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित बस्तर में पहले स्वास्थ्य सेवाएं सीमित थीं, लेकिन अब मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य विभाग पहुंच चुका है। अभियान के दौरान बीमारियों की जांच, उपचार और जरूरतमंद मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर किया गया। अब तक 60 हजार मरीजों को रेफर किया गया है तथा 10 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं की पहचान कर विशेष निगरानी की गई है। पिछले दो वर्षों में 1,000 डॉक्टरों की भर्ती भी की गई है और मातृ मृत्यु दर 142 से घटकर 122 हो गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि कांकेर, कोरबा और महासमुंद में लगभग 966.36 करोड़ रुपये की लागत से नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जिन्हें दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम और गीदम में नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण भी तेजी से जारी है।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर के कोनी में 1,412.44 करोड़ रुपये की लागत से सिम्स के उन्नयन, रायपुर में 700 बेड के एकीकृत चिकित्सालय, नए नर्सिंग कॉलेज, जिला अस्पताल, 100 बेड सिविल अस्पताल, फिजियोथेरेपी कॉलेज, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र और राज्य कैंसर संस्थान सहित कई स्वास्थ्य परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य राज्य में आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है।



