जगदलपुर/बीजापुर, 25 जुलाई 2026। बस्तर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों सहित दुर्लभ वन्यजीवों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना के वन विभाग ने संयुक्त रणनीति तैयार की है। बीजापुर में आयोजित उच्चस्तरीय अंतरराज्यीय बैठक में तीनों राज्यों के वरिष्ठ वन अधिकारियों ने सीमा क्षेत्रों में संयुक्त टास्क फोर्स गठित करने, नियमित ज्वाइंट पेट्रोलिंग चलाने और वन्यजीव शिकारियों व तस्करों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई करने पर सहमति जताई।
बस्तर वाइल्ड लाइफ के मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) स्टाइलो मंडावी ने बताया कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व से लगे सीमावर्ती वन क्षेत्रों में बाहरी शिकारियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने के लिए तीनों राज्यों के वन विभाग मिलकर काम करेंगे। वन्यजीवों के अवैध शिकार या तस्करी की सूचना मिलने पर संयुक्त टीम तत्काल कार्रवाई करेगी। साथ ही सूचनाओं के आदान-प्रदान और आपसी समन्वय को मजबूत करने के लिए विशेष व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व देश के महत्वपूर्ण टाइगर रिजर्वों में शामिल है। वर्ष 1983 में इसे टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया था। करीब 2,800 वर्ग किलोमीटर में फैला यह संरक्षित क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों और इंद्रावती नदी के कारण समृद्ध जैव विविधता का केंद्र माना जाता है। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और तेलंगाना के वन क्षेत्रों से जुड़ा होने के कारण यह बाघों और अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
इस अभयारण्य में रॉयल बंगाल टाइगर, तेंदुआ, वन भैंसा, गौर, भालू, जंगली कुत्ता, चीतल, गिद्ध सहित कई दुर्लभ वन्यजीवों का बसेरा है। इसके अलावा सैकड़ों प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य जीव इस क्षेत्र की जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं।
वन विभाग के अनुसार लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहने के कारण इस क्षेत्र में निगरानी चुनौतीपूर्ण रही, जिसका फायदा उठाकर कई बार बाहरी शिकारी और वन्यजीव तस्कर सक्रिय हुए। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में विभाग ने वन्यजीवों की खाल और अन्य अंगों की तस्करी से जुड़े कई मामलों का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीमावर्ती इलाकों में चलाए गए अभियानों के दौरान शिकार में इस्तेमाल होने वाले फंदे, हथियार और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है।
वन अधिकारियों का मानना है कि तीन राज्यों की संयुक्त कार्रवाई से इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी और शिकार व तस्करी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।




