भारत पर नए टैरिफ की तैयारी में ट्रंप! 12.5% शुल्क प्रस्ताव से बढ़ सकती है व्यापारिक टेंशन

भारत पर नए टैरिफ की तैयारी में ट्रंप! 12.5% शुल्क प्रस्ताव से बढ़ सकती है व्यापारिक टेंशन

वॉशिंगटन , 3 जून 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर वैश्विक व्यापार को लेकर सख्त रुख अपनाने की तैयारी में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका भारत और चीन समेत कई देशों पर 12.5 फीसदी तक नया टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है। यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है।

जानकारी के अनुसार अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने 60 देशों के खिलाफ व्यापारिक कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया है। एजेंसी का आरोप है कि इन देशों ने कथित तौर पर जबरन श्रम (Forced Labour) से तैयार वस्तुओं के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं, जिससे अमेरिकी कारोबार प्रभावित हो रहा है।

भारत और चीन पर 12.5% टैरिफ का प्रस्ताव

रिपोर्ट्स के अनुसार प्रस्तावित सूची में भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और स्विट्जरलैंड शामिल हैं। इन देशों से आने वाले उत्पादों पर 12.5 फीसदी टैरिफ लगाया जा सकता है। वहीं कनाडा, मैक्सिको, यूरोपीय यूनियन, ताइवान और ब्रिटेन से आयातित वस्तुओं पर 10 फीसदी टैरिफ लागू करने का सुझाव दिया गया है।

मार्च में शुरू हुई थी जांच

यूएसटीआर के मुताबिक इस मामले की जांच 12 मार्च को शुरू हुई थी। जांच के दौरान करीब 60 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया में लगभग 500 टिप्पणियां प्राप्त हुईं। इन्हीं निष्कर्षों के आधार पर एजेंसी ने अपनी सिफारिशें तैयार की हैं।

एजेंसी का कहना है कि जबरन श्रम से तैयार उत्पादों पर प्रभावी रोक नहीं होने से वैश्विक स्तर पर श्रम शोषण के खिलाफ प्रयास कमजोर पड़ते हैं। साथ ही कम लागत पर उत्पादन करने वाले उत्पादों को अनुचित प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलता है।

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं पर असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल यह प्रस्ताव चरण में है और अंतिम निर्णय अमेरिकी प्रशासन द्वारा लिया जाना बाकी है।

गौरतलब है कि तमाम व्यापारिक मतभेदों के बावजूद अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार हाल के वर्षों में 120 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है।

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