एंटरटेनमेंट डेस्क,9 अगस्त 2026
तलाक की अर्जी वापस लेने से चर्चा में आया मामला
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय की पत्नी संगीता सोरनालिंगम ने चेंगलपट्टू कोर्ट में दायर अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली है। शुक्रवार को संगीता वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही में शामिल हुईं और अपनी अर्जी वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की।
संगीता ने फरवरी 2026 में चेंगलपट्टू कोर्ट में विजय से तलाक की अर्जी दायर की थी। उन्होंने अपनी शादी खत्म करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई कई बार टल चुकी थी।
जून में भी दिए थे अर्जी वापस लेने के संकेत
रिपोर्ट के मुताबिक, 15 जून को संगीता ने संकेत दिया था कि वह तलाक की अर्जी वापस लेना चाहती हैं। उस दौरान भी वह वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही में शामिल हुई थीं।
पिछले महीने सुनवाई के दौरान विजय और संगीता दोनों कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं हुए थे। उनकी ओर से उनके वकीलों ने अदालत में उपस्थिति दर्ज कराई थी।
अर्जी में लगाए गए थे गंभीर आरोप
तलाक की अर्जी में संगीता ने आरोप लगाया था कि उन्हें 2021 में विजय के कथित एक्स्ट्रा-मैरिटल रिलेशनशिप के बारे में पता चला था। उन्होंने दावा किया था कि विजय को कई बार यह रिश्ता खत्म करने के लिए कहा गया, लेकिन कथित तौर पर ऐसा नहीं हुआ।
संगीता के अनुसार, इस वजह से उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा और धीरे-धीरे उनकी शादीशुदा जिंदगी प्रभावित होती चली गई।
सोशल मीडिया पोस्ट से मानसिक परेशानी का दावा
संगीता ने आरोप लगाया था कि विजय और संबंधित एक्ट्रेस की सोशल मीडिया पोस्ट के कारण उन्हें और उनके बच्चों को मानसिक परेशानी तथा सार्वजनिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।
उन्होंने यह भी दावा किया था कि विजय धीरे-धीरे परिवार से दूर हो गए और उन्होंने भावनात्मक, शारीरिक तथा आर्थिक सहयोग देना बंद कर दिया।
आर्थिक पाबंदियों का भी लगाया था आरोप
संगीता ने अपनी अर्जी में आर्थिक पाबंदियों का भी आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि कानूनी नोटिस और निजी मुलाकातों के जरिए रिश्ते में सुधार तथा सुलह की कोशिशें की गईं, लेकिन ये प्रयास सफल नहीं हुए।
इसके बाद उन्होंने स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत चेंगलपट्टू कोर्ट में तलाक की अर्जी दायर कर शादी खत्म करने की मांग की थी।
हालांकि, अर्जी में लगाए गए आरोप संगीता के दावे हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब अर्जी वापस लिए जाने के बाद मामले को लेकर आगे की कानूनी स्थिति क्या रहती है, यह संबंधित अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।



