विशेष लेख: नक्सल के गढ़ में फिर गूंजने लगी स्कूल की घंटी, बंदूक के साए से निकलकर किताबों की दुनिया में लौटे बस्तर के बच्चे
छत्तीसगढ़ के पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े स्कूल फिर से संचालित होने लगे हैं। बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे जिलों में 600 से अधिक स्कूलों के दोबारा खुलने से बच्चों के जीवन में शिक्षा, उम्मीद और विकास की नई रोशनी पहुंच रही है।
जब बंदूक छूटी, तो हाथों में आया सुनहरा भविष्य : सुकमा में आत्मसमर्पित युवाओं की जिंदगी लिख रही विकास की नई कहानी
सुकमा में आत्मसमर्पित युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। अब तक 280 से अधिक युवा इस पहल से लाभान्वित हो चुके हैं और मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।



