चिंतन शिविर 3.0 से सुशासन का नया रोडमैप तैयार करेगी सरकार, CM विष्णु देव साय बोले- तकनीक, पारदर्शिता और नवाचार पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चिंतन शिविर 3.0 विकसित छत्तीसगढ़ के लिए सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस, कृषि सुधार और तकनीक आधारित प्रशासन की नई दिशा तय करेगा। पिछले शिविरों से ई-ऑफिस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु जैसे महत्वपूर्ण नवाचार लागू किए जा चुके हैं।
CM साय का बड़ा प्लान: ‘चिंतन शिविर 3.0’ में भविष्य की विकास रणनीति पर होगी चर्चा, देश के दिग्गज विशेषज्ञ होंगे शामिल
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 4 और 5 जुलाई को आईआईएम रायपुर में आयोजित चिंतन शिविर 3.0 में विकसित छत्तीसगढ़, सुशासन, नवाचार और भविष्य की विकास रणनीति पर व्यापक मंथन होगा।
510 करोड़ के विकास कार्य, किसानों के लिए नई घोषणा: राजनांदगांव पहुंचे CM साय, जल संरक्षण मॉडल की जमकर सराहना
रायपुर, 23 जून 2026 किसानों की समृद्धि, गांवों का विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प के साथ राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश में विकास और सुशासन के नए अध्याय लिख रही है।
विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ा कदम, CM विष्णुदेव साय ने लॉन्च किया ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर शुरू होने जा रहा 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान प्रदेश के 23 जिलों में 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का संतृप्तिकरण करेगा। नियद नेल्लानार मॉडल पर आधारित यह अभियान तकनीक आधारित निगरानी, विभागीय अभिसरण और विशेष शिविरों के माध्यम से हर पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणाओं पर त्वरित अमल, ग्रामीणों की मांगों को मिली मंजूरी
सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा सरगुजा जिले के ग्राम सिलमा और कुनकुरीकला में की गई विकास कार्यों की घोषणाओं को प्रशासन ने त्वरित स्वीकृति दे दी है। पंचायत भवन, पीडीएस भवन और मुक्तिधाम निर्माण के लिए लाखों रुपये मंजूर किए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सीएम हेल्पलाइन 1076 का अवलोकन, कॉलर से सीधे बात कर जाना समस्या का हाल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने एक कॉलर से सीधे बातचीत कर उसकी समस्या जानी और अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित निराकरण तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



