विशेष लेख: नक्सल के गढ़ में फिर गूंजने लगी स्कूल की घंटी, बंदूक के साए से निकलकर किताबों की दुनिया में लौटे बस्तर के बच्चे
छत्तीसगढ़ के पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े स्कूल फिर से संचालित होने लगे हैं। बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे जिलों में 600 से अधिक स्कूलों के दोबारा खुलने से बच्चों के जीवन में शिक्षा, उम्मीद और विकास की नई रोशनी पहुंच रही है।
छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति के पाठ पढ़ेंगे कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी, 100 विषयों पर तैयार होगी विशेष सामग्री
छत्तीसगढ़ के कक्षा **6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को स्थानीय कला, संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन से जोड़ने के लिए विशेष पाठ्य सामग्री तैयार की जा रही है। SCERT की तीन दिवसीय कार्यशाला में 100 कलाविद, लेखक और विषय-विशेषज्ञ करीब 100 विषयों पर सामग्री तैयार कर रहे हैं, साथ ही
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ को दिखाई हरी झंडी, ग्रामीण विद्यार्थियों तक पहुँचेगी AI और रोबोटिक्स की शिक्षा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विधानसभा परिसर से ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ के तहत मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को रवाना किया। यह लैब ग्रामीण विद्यार्थियों को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग और अन्य आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देगी।
नए शैक्षणिक सत्र पर मुख्यमंत्री साय का संदेश, विद्यार्थियों से कहा- मन लगाकर करें पढ़ाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 16 जून से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों से अनुशासन, आत्मविश्वास और उत्साह के साथ पढ़ाई करने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में जुटने का आह्वान किया।
विकसित छत्तीसगढ़ का नया विजन: पारंपरिक डिग्रियों से आगे बढ़कर ग्लोबल करियर की ओर बढ़ेंगे युवा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence) योजना’ शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल स्किल्स और रिसर्च जैसे आधुनिक क्षेत्रों में अवसर देकर उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।



