नई दिल्ली, 10 जून 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने देश के राजनीतिक परिदृश्य में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। बंगाल में सत्ता हासिल करने के साथ ही अब देश के 21 राज्यों में एनडीए की सरकार हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बदलाव केवल एक राज्य की जीत नहीं, बल्कि भाजपा के लगातार बढ़ते राजनीतिक विस्तार का संकेत है। कभी सीमित क्षेत्रों तक सिमटी पार्टी अब देश के अधिकांश हिस्सों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी है।
1980 से शुरू हुआ भाजपा का सफर
6 अप्रैल 1980 को अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में भाजपा का गठन हुआ था। 1984 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को सिर्फ 2 सीटें मिली थीं, लेकिन इसके बाद भाजपा ने लगातार अपनी ताकत बढ़ाई और राष्ट्रीय राजनीति में प्रमुख शक्ति बनकर उभरी।
केंद्र में भाजपा का छठा कार्यकाल
- 1996: पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने।
- 1998: NDA सरकार का गठन।
- 1999: वाजपेयी सरकार ने पूरा कार्यकाल पूरा किया।
- 2014: नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत।
- 2019: भाजपा को प्रचंड बहुमत।
- 2024: NDA के समर्थन से नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने।
वर्तमान में केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार का छठा कार्यकाल चल रहा है।
इन राज्यों में भाजपा की सरकार
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, गोवा, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मणिपुर और पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार है।
इन राज्यों में NDA गठबंधन की सरकार
बिहार, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, सिक्किम, मेघालय, नगालैंड और पुडुचेरी में एनडीए सहयोगी दलों के साथ सरकार चला रहा है।
बंगाल जीत का राजनीतिक महत्व
लंबे समय तक वामपंथी दलों और बाद में तृणमूल कांग्रेस का गढ़ रहे पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संदेश गया है कि भाजपा अब केवल हिंदी पट्टी या पश्चिम भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वी भारत में भी मजबूत जनाधार बना चुकी है।


