रायपुर, 04 नवंबर 2026

धनंजय राठौर
संयुक्त संचालक, जनसंपर्क रायपुर

छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए दीवाली से पहले खुशियों की सौगात आई है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी होने के साथ ही लाखों महिलाओं के मोबाइल पर बैंक खाते में राशि जमा होने का संदेश पहुंचा। इस आर्थिक सहायता से महिलाओं और उनके परिवारों में उत्साह का माहौल है। राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में योजना की 33वीं किस्त जारी की।

इस अवसर पर प्रदेश की 67 लाख 40 हजार 410 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से कुल 632 करोड़ 63 लाख 67 हजार 750 रुपये की राशि अंतरित की गई। त्योहार से ठीक पहले मिली इस आर्थिक सहायता ने महिलाओं की खुशियों को दोगुना कर दिया है।

67 लाख से अधिक महिलाओं को मिला योजना का लाभ

महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी होने से प्रदेश की महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। योजना के तहत ई-केवाईसी पूर्ण करा चुकीं 67 लाख 33 हजार 502 महिला हितग्राहियों को लाभ मिला। इसके अलावा नियद नेल्ला नार कैंप क्षेत्रों की 6,908 महिलाओं के खातों में भी योजना की राशि अंतरित की गई।

इस योजना के माध्यम से पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करना, परिवार की जरूरतों को पूरा करने में उनकी भागीदारी बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

मार्च 2024 में हुई थी योजना की शुरुआत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से 10 मार्च 2024 को महतारी वंदन योजना की शुरुआत की थी। योजना के अंतर्गत प्रदेश की 67 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि सीधे अंतरित की जाती है।

योजना की 33वीं किस्त जारी होने के साथ ही अब तक पात्र महिलाओं के खातों में कुल 21 हजार 350.50 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जा चुकी है। यह आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक गतिविधियों में योगदान देने का माध्यम बनी है।

महिलाओं की आर्थिक मजबूती से बाजारों में भी बढ़ी रौनक

महतारी वंदन योजना का असर केवल महिलाओं के व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सकारात्मक प्रभाव स्थानीय बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी दिखाई दे रहा है। आर्थिक रूप से सक्षम होने के बाद महिलाएं अपनी जरूरतों के साथ परिवार की खरीदारी में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

करवाचौथ से शुरू हुआ खरीदारी का दौर लगातार जारी है। त्योहारों और खास अवसरों पर महिलाएं अपनी पसंद की वस्तुओं की खरीदारी कर पा रही हैं। इससे बाजारों में रौनक बढ़ी है और स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ मिल रहा है। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवार के मुखिया पर आर्थिक बोझ कम करने में भी मदद मिल रही है।

आर्थिक सहायता से बढ़ रहा महिलाओं का आत्मविश्वास

महतारी वंदन योजना की राशि महिलाओं के लिए केवल एक हजार रुपये की मासिक सहायता नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बन रही है। इस राशि से महिलाएं अपनी छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार की आवश्यकताओं में भी सहयोग कर रही हैं।

दीवाली से पहले जारी हुई 33वीं किस्त ने एक बार फिर महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी है। शासन की सहायता जब सही हितग्राही तक पहुंचती है, तो वह केवल आर्थिक सहयोग नहीं रहती, बल्कि किसी महिला के लिए आत्मविश्वास, किसी परिवार के लिए उम्मीद, किसी बेटी के लिए सुरक्षित भविष्य और किसी बच्चे के लिए बेहतर जीवन की नींव बनती है। यही महतारी वंदन योजना की सार्थकता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।

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