नई दिल्ली, 07 जून 2026
भारत में जन्मदर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की 2025 विश्व जनसंख्या स्थिति रिपोर्ट के अनुसार देश की कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate-TFR) घटकर 1.9 बच्चे प्रति महिला रह गई है, जो जनसंख्या को स्थिर बनाए रखने के लिए आवश्यक रिप्लेसमेंट लेवल 2.1 से नीचे है। इस मुद्दे पर दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शामिल एलन मस्क ने भी चिंता व्यक्त की है।
एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की जन्मदर रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे जा चुकी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश के शिक्षित वर्ग में यह दर कई वर्षों पहले ही रिप्लेसमेंट स्तर से नीचे पहुंच गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की प्रजनन दर 1.2 तक गिर गई है, जो कई यूरोपीय देशों से भी कम है। वहीं तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में यह दर लगभग 1.3 दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जन्मदर में लगातार गिरावट भारत में बड़े जनसांख्यिकीय बदलाव का संकेत है। आने वाले वर्षों में देश को बूढ़ी होती आबादी, छोटे परिवारों और श्रम शक्ति में संभावित कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि भारत की आबादी अभी 1.46 अरब से अधिक है और देश 2023 में चीन को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन गया था, लेकिन घटती प्रजनन दर भविष्य में जनसंख्या वृद्धि की रफ्तार को प्रभावित कर सकती है।
