रायपुर, 4 अगस्त 2026

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं का लाभ उठाकर प्रदेश के किसान अपनी आय बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में बस्तर जिले के ग्राम पंचायत सिवनी (हिरलाभाटा) निवासी प्रगतिशील किसान रयतु राम ने मछली बीज (स्पॉन) उत्पादन के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है।

रयतु राम ने अपनी 5 एकड़ कृषि भूमि में से लगभग एक एकड़ तालाब में इस वर्ष मछली बीज उत्पादन शुरू किया। उन्होंने तालाब में लगभग 30 पैकेट स्पॉन डाले, जिनसे अब तक करीब 60 किलोग्राम मछली बीज का उत्पादन हुआ। इसे 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचकर उन्होंने दो माह में 30 हजार रुपये की आय अर्जित की है।

किसान के अनुसार, तालाब में अभी भी 40 से 50 किलोग्राम मछली बीज उपलब्ध है, जिसकी बिक्री से उन्हें 20 से 25 हजार रुपये अतिरिक्त आय मिलने की उम्मीद है।

रयतु राम ने बताया कि शुरुआत में तिलापिया जैसी अवांछित मछलियों, बोरवेल की कमी और तकनीकी जानकारी के अभाव के कारण उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। लेकिन इस बार तालाब की वैज्ञानिक सफाई, समय पर दाना-पानी की व्यवस्था और मत्स्यपालन विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से उन्हें बेहतर परिणाम प्राप्त हुए।

इस सफलता से उत्साहित रयतु राम अब नया तालाब तैयार कर मछली बीज उत्पादन का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। उनका मानना है कि यदि बाजार में मांग और विभागीय सहयोग इसी तरह मिलता रहा तो वे इस व्यवसाय को बड़े स्तर पर विकसित करेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ने के साथ अन्य किसानों को भी गुणवत्तापूर्ण मछली बीज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा।

मत्स्यपालन विभाग की स्पॉन संवर्धन योजना के तहत गांव के मनकी बघेल, दयमती बघेल और जग्गु मौर्य भी मछली बीज उत्पादन से अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इन किसानों की सफलता से क्षेत्र में मत्स्यपालन के प्रति रुचि बढ़ी है और यह ग्रामीणों के लिए आय संवर्धन का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts