नई दिल्ली,29 जुलाई 2026
‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन (RHA)’ नाम से चल रहा एक सोशल मीडिया अभियान इन दिनों तेजी से चर्चा में है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद शुरू हुए इस अभियान ने इंस्टाग्राम पर कम समय में बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। अभियान से जुड़े अकाउंट ने महज 5 दिनों में 58 लाख फॉलोअर्स होने का दावा किया है।
जानकारी के अनुसार, Reservation Hatao Andolan (RHA) नाम से संचालित इंस्टाग्राम अकाउंट आरक्षण नीति में बदलाव की मांग कर रहा है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है, बल्कि नागरिकों द्वारा चलाया जा रहा एक स्वतंत्र अभियान है। हालांकि, अभियान के संस्थापक या संचालकों की पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है।
अभियान के इंस्टाग्राम प्रोफाइल में डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रसिद्ध नारे “Educate, Agitate, Organize” का उल्लेख किया गया है। साथ ही हिंदी में “सारी जाति एक समान, मेरा बस ये देश महान” और “जय हिंद” लिखा गया है। प्रोफाइल के अनुसार, यह अभियान समाज में सुधार की मांग उठाने वाले नागरिकों का मंच है।
अभियान की पोस्टों में दावा किया गया है कि आरक्षण व्यवस्था से योग्यता (Merit) प्रभावित होती है, जातीय विभाजन बढ़ता है और शिक्षा व प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ता है। इसके साथ ही अभियान ने कुछ सुझाव भी दिए हैं, जिनमें सरकारी दस्तावेजों में जाति का उल्लेख अनिवार्य न रखने, स्कूल, कॉलेज, नौकरी और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में जाति पूछने की व्यवस्था समाप्त करने, सार्वजनिक जीवन में जातिगत पहचान को बढ़ावा देने वाली व्यवस्थाओं को खत्म करने तथा ‘एक देश, एक पहचान – भारतीय’ की अवधारणा लागू करने की मांग शामिल है।
अभियान का अंतिम नारा “आरक्षण हटाओ, जातिवाद हटाओ” बताया गया है। वहीं, सोशल मीडिया पर इसके समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। आरक्षण भारत का एक संवैधानिक और संवेदनशील विषय है, ऐसे में इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार के बदलाव के लिए संवैधानिक और विधायी प्रक्रिया आवश्यक होती है।



