जगदलपुर। बस्तर जिले में संदिग्ध किराएदारों और अवैध रूप से रह रहे बाहरी नागरिकों की पहचान के लिए पुलिस ने सत्यापन अभियान तेज कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब केवल किरायानामा बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक किराएदार का पुलिस सत्यापन कराना और उसकी जानकारी ‘समाधान ऐप’ पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले मकान मालिकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस के अनुसार, राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों व संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के उद्देश्य से लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस मुख्यालय ने किराएदार सत्यापन प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाने के लिए समाधान ऐप की व्यवस्था लागू की है। इस ऐप के माध्यम से मकान मालिकों को अपने यहां रहने वाले प्रत्येक किराएदार की पहचान, पता और आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन दर्ज करने होंगे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में किराएदारों और मुसाफिरों की जांच की जा रही है। ऐसे में यदि किसी मकान मालिक ने बिना सत्यापन के किराएदार रखा है या उसकी जानकारी ऐप पर दर्ज नहीं की है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में कोई संदिग्ध व्यक्ति रह रहा हो या उसकी गतिविधियां संदेहास्पद प्रतीत हों, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस हेल्पलाइन या नजदीकी थाना में दें। पुलिस का कहना है कि नागरिकों की सतर्कता और मकान मालिकों की जिम्मेदारी से ही अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।




