जगदलपुर, 25 जुलाई 2026। बस्तर के बिलोरी जंगल में अज्ञात वन्यप्राणी के संदिग्ध पगचिन्ह मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। जंगल के भीतर मिले इन रहस्यमयी निशानों ने वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पगचिन्हों की जानकारी सामने आते ही वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जंगल क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में जंगल के भीतर कुछ ऐसे पगचिन्ह दिखाई दिए हैं, जिनकी पहचान सामान्य वन्यजीवों से मेल नहीं खा रही है। पगचिन्हों का आकार और स्वरूप अलग होने के कारण विभागीय अमला सतर्क हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने आधुनिक तकनीक की मदद लेते हुए थर्मल ड्रोन के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी शुरू कर दी है। रात के समय भी ड्रोन के माध्यम से जंगल में किसी बड़े जीव की मौजूदगी का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
वन अधिकारियों के अनुसार, पगचिन्हों के नमूनों का परीक्षण कराया जा रहा है और विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये निशान किस वन्यप्राणी के हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं।
इधर, वन विभाग ने आसपास के गांवों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर नहीं जाने, मवेशियों को जंगल के भीतर नहीं छोड़ने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह भी दी गई है।
घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ ग्रामीण इसे किसी दुर्लभ वन्यजीव की मौजूदगी से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे रहस्यमयी घटना मान रहे हैं। हालांकि वन विभाग ने लोगों से संयम बरतने और जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है।
फिलहाल बिलोरी जंगल में वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और थर्मल ड्रोन की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठ सकेगा कि आखिर जंगल में मिले ये रहस्यमयी पगचिन्ह किस जीव के हैं।




