बिलासपुर,5 नवम्बर 2026

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बच्चों की एक शरारत से बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। उसलापुर और घुटकू रेलवे स्टेशन के बीच लोखंडी फाटक के पास बने ब्रिज से कुछ बच्चों ने गुजरती मालगाड़ी पर साइकिल का टायर फेंक दिया। टायर सीधे मालगाड़ी के इंजन की छत पर जा गिरा और ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन तथा पेंटोग्राफ के संपर्क में आने से उसमें आग लग गई। घटना के बाद लोको पायलट ने तत्काल ट्रेन रोक दी, जिससे संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई। मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने छह नाबालिगों को पकड़कर पूछताछ की है।

सुबह छह बजे हुई घटना, इंजन से निकलने लगीं चिंगारियां

जानकारी के मुताबिक, घटना मंगलवार 3 नवंबर की सुबह करीब 6 बजे की है। कटनी की ओर से बिलासपुर आ रही एक खाली मालगाड़ी लोखंडी फाटक के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान ब्रिज के ऊपर से फेंका गया साइकिल का टायर मालगाड़ी के इंजन की छत पर जा गिरा। टायर के बिजली के तारों और पेंटोग्राफ के संपर्क में आते ही तेज चिंगारियां निकलने लगीं और उसमें आग लग गई।

अचानक तेज आवाज और चिंगारियां देखकर लोको पायलट सतर्क हो गया। उसने बिना देरी किए मालगाड़ी रोक दी। इंजन की छत पर जलते हुए टायर का टुकड़ा देखकर उसने तत्काल रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी।

CCTV फुटेज से हुई छह नाबालिगों की पहचान

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कंट्रोल रूम ने उसलापुर RPF पोस्ट को जानकारी दी। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल और वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई कि किसी ने ऊपर बने सड़क ब्रिज से टायर फेंका था।

आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। इसके बाद जांच टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। पाली स्थित मॉनिटरिंग कक्ष से फुटेज की जांच करने पर छह नाबालिगों की पहचान हुई। बुधवार, 4 नवंबर को RPF ने सभी बच्चों को पकड़कर पूछताछ की।

खाली वैगन में टायर फेंकना चाहते थे बच्चे

RPF की पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उनका इरादा मालगाड़ी के खाली वैगन में साइकिल के टायर का टुकड़ा फेंकने का था, लेकिन टायर वैगन में गिरने के बजाय सीधे इंजन के ऊपर जा गिरा। बिजली के संपर्क में आने के कारण टायर में आग लग गई। सभी छह नाबालिग लोखंडी गांव के रहने वाले बताए गए हैं।

अंबिकापुर और अमरकंटक एक्सप्रेस भी हुईं प्रभावित

इस घटना के चलते रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। उसी मार्ग से गुजरने वाली अंबिकापुर एक्सप्रेस और अमरकंटक एक्सप्रेस को मालगाड़ी के रुकने के कारण नियंत्रित करना पड़ा। बताया जा रहा है कि करीब आधे घंटे बाद मालगाड़ी को आगे रवाना किया गया। इसके बाद रेलवे लाइन खाली होने पर दोनों यात्री ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो सका।

रेलवे सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन में उच्च वोल्टेज की बिजली प्रवाहित होती है। ऐसे में इंजन के ऊपरी हिस्से और बिजली के तारों के संपर्क में किसी बाहरी वस्तु का आना बेहद खतरनाक हो सकता है। इस घटना में लोको पायलट की सतर्कता से संभावित बड़ा हादसा टल गया।

घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक, पुल और ओवरहेड बिजली लाइनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही बच्चों में रेल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत भी सामने आई है। चलती ट्रेन पर कोई वस्तु फेंकना न केवल यात्रियों बल्कि रेलवे कर्मचारियों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts