रायपुर, 4 नवंबर 2026
छत्तीसगढ़ में ‘ज्ञानु और जानू’ वीडियो विवाद को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है। भाजपा नेताओं की शिकायत पर रायपुर पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी पुलिस की पूछताछ के लिए उपलब्ध नहीं हो सके हैं। इस बीच सिविल लाइन पुलिस ने अमित जोगी के नाम से जोगी निवास के बाहर नोटिस चस्पा कर उन्हें एक दिन के भीतर थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
पुलिस द्वारा चस्पा किए गए नोटिस में उल्लेख किया गया है कि 3 नवंबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 352, 353(2), 356(2) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच के दौरान तथ्यों और परिस्थितियों की जानकारी सुनिश्चित करने के लिए अमित जोगी से पूछताछ आवश्यक बताई गई है।
नोटिस में उन्हें नोटिस प्राप्त होने के एक दिवस के भीतर सिविल लाइन थाने में उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया गया है।
क्या है पूरा वीडियो विवाद?
दरअसल, अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर एक विवादास्पद वीडियो साझा किया था। इसमें प्रधानमंत्री और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के मुखौटे पहने दो लोग दिखाई दे रहे थे। वीडियो में दोनों की सांकेतिक शादी कराई गई और इसके बाद हनीमून के नाम पर एक अन्य वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी तीखी आलोचना शुरू हो गई। भाजपा नेताओं ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद रायपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
विवाद बढ़ने पर अमित जोगी ने मांगी सार्वजनिक माफी
वीडियो को लेकर विवाद बढ़ने और सोशल मीडिया पर आलोचनाओं के बीच अमित जोगी ने अपनी पोस्ट हटा दी और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक ऐसी रेखा है, जिसे वह पार नहीं करना चाहते। अपनी हनीमून पोस्ट के संदर्भ में उन्होंने स्वीकार किया कि जिस संदेश को वह देना चाहते थे, वह उनके विश्वास के अनुसार अब भी प्रासंगिक है, लेकिन उसे प्रस्तुत करने का तरीका उचित नहीं था।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच के तहत अमित जोगी को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का नोटिस दिया है। अब इस मामले में उनके पुलिस के सामने पेश होने और आगे की जांच पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।



