रायपुर, 31 अक्टूबर 2026

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक हस्तशिल्प और पर्यटन की आकर्षक झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत पर्व का शुभारंभ करने के बाद छत्तीसगढ़ के स्टॉल का अवलोकन किया और यहां प्रदर्शित कलाकृतियों की सराहना की।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने बस्तर और नारायणपुर के शिल्पकारों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने कलाकारों से उनके हुनर और शिल्प निर्माण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से डोकरा शिल्प, बांस शिल्प और कोसा वस्त्रों की सराहना की।

स्टॉल पर मौजूद कलाकारों ने पारंपरिक बस्तरिया रेला की मनमोहक प्रस्तुति देकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस सांस्कृतिक प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा और जनजातीय संस्कृति की जीवंत झलक पेश की।

15 दिनों तक चलेगा भारत पर्व

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की ओर से भारत पर्व में लगाए गए स्टॉल में प्रदेश की पारंपरिक हस्तशिल्प कला और प्रमुख पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित किया गया है। पर्यटन मंडल की डॉ. सुभदा चतुर्वेदी ने बताया कि 15 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं को देशभर के लोगों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है।

स्टॉल में प्रदर्शित की गईं छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कलाकृतियां

छत्तीसगढ़ के स्टॉल में डोकरा शिल्प, लौह शिल्प, कोसा साड़ियां और बांस शिल्प विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। इन कलाकृतियों के माध्यम से प्रदेश के पारंपरिक शिल्पकारों की रचनात्मकता, कौशल और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जा रहा है।

प्रमुख पर्यटन स्थलों की भी दी जा रही जानकारी

स्टॉल में चंपारण और चित्रकोट सहित छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों तथा पर्यटन रिसॉर्ट की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से देशभर से आने वाले आगंतुकों को प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन की संभावनाओं से परिचित कराया जा रहा है।

भारत पर्व के माध्यम से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी समृद्ध लोकसंस्कृति, हस्तशिल्प और पर्यटन विरासत को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर मिल रहा है।

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