रायपुर,24 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज, 24 अक्टूबर से राष्ट्रीय जनजातीय प्रदर्शनी एवं बिक्री मेला ‘आदि बाजार 2026’ की शुरुआत होने जा रही है। टाउन हॉल में आयोजित इस मेले में देश के 12 राज्यों के जनजातीय कारीगर अपनी पारंपरिक कला, शिल्प, वस्त्र, आभूषण और हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगे। मेले में करीब 80 कारीगरों के 40 स्टॉल होंगे, जहां लोग सीधे कारीगरों से उत्पाद खरीद सकेंगे।
यह आयोजन केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास परिसंघ (TRIFED) की ओर से किया जा रहा है। मेला 24 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसका उद्घाटन शनिवार शाम 5 बजे जनजातीय विकास मंत्री रामविचार नेताम करेंगे। रायपुर की महापौर मीनल चौबे और छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ की प्रबंध संचालक संजीता गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
12 राज्यों के पारंपरिक उत्पाद होंगे आकर्षण
‘आदि बाजार 2026’ में देश के विभिन्न राज्यों की समृद्ध जनजातीय कला और हस्तशिल्प देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क और ढोकरा शिल्प लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। वहीं, ओडिशा की संबलपुरी साड़ी और सौरा पेंटिंग तथा मध्यप्रदेश की बाघ प्रिंट, माहेश्वरी साड़ी और गोंड पेंटिंग भी प्रदर्शनी में उपलब्ध होंगी।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल की कांथा कढ़ाई, राजस्थान के पारंपरिक वस्त्र और झारखंड के जूट उत्पाद भी लोग देख और खरीद सकेंगे। इन उत्पादों के जरिए देश के अलग-अलग क्षेत्रों की पारंपरिक कलाओं और कारीगरों की रचनात्मकता को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
बांस-बेंत के उत्पाद और अराकु कॉफी भी मिलेगी
मेले में पूर्वोत्तर राज्यों के बांस और बेंत से बने हस्तनिर्मित उत्पादों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बांस उत्पाद तथा अराकु कॉफी भी आकर्षण का हिस्सा होंगे।
यह मेला केवल खरीदारी का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की जनजातीय विरासत, पारंपरिक हुनर और सांस्कृतिक विविधता को समझने का अवसर भी प्रदान करेगा।
जनजातीय कारीगरों को मिलेगा बाजार
‘आदि बाजार 2026’ के आयोजन का प्रमुख उद्देश्य जनजातीय कारीगरों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और उनकी कला एवं संस्कृति को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। मेले में सीधे कारीगरों से खरीदारी की सुविधा मिलने से उनके पारंपरिक उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा।
रायपुर में आयोजित यह मेला हस्तशिल्प प्रेमियों, पारंपरिक वस्त्रों के शौकीनों और स्थानीय उत्पादों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए खास अवसर होगा।



