नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026
पुलिस स्मृति दिवस-2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने पुलिसकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की सराहना की, वहीं अमित शाह ने नक्सलवाद के खात्मे को देश की आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पहुंचकर शहीद पुलिस जवानों को नमन किया। इसके बाद उन्होंने परेड में हिस्सा लिया और नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश देने वाली बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
पीएम मोदी ने पुलिसकर्मियों के साहस और समर्पण को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा करते हुए कहा कि पुलिस स्मृति दिवस पुलिसकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों से निपटने, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता पहुंचाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिसकर्मियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका साहस, अटूट समर्पण और सर्वोच्च बलिदान हमेशा देश की स्मृतियों में जीवित रहेगा।
अमित शाह ने शहीद पुलिस जवानों के बलिदान को बताया देश की ताकत
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस उन बहादुर पुलिसकर्मियों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने आजादी के समय से लेकर आज तक देश की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लगभग आठ दशकों में भारत वैश्विक मंच पर एक सम्मानजनक स्थान हासिल करने में सफल रहा है। इस उपलब्धि के पीछे देश के वीर जवानों का त्याग और बलिदान महत्वपूर्ण आधार रहा है।
अमित शाह ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा करते हुए पुलिसकर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। उनके योगदान के बिना देश की सुरक्षा और विकास की यात्रा की कल्पना करना कठिन है। उन्होंने शहीद जवानों के परिजनों के प्रति राष्ट्र की ओर से आभार भी व्यक्त किया।
31 मार्च 2026 को नक्सलवाद से मुक्ति का दावा
गृह मंत्री अमित शाह ने वर्ष 2026 को भारतीय पुलिस के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए दावा किया कि 31 मार्च 2026 को देश नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्त हो गया। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षा बलों के योगदान को ऐतिहासिक बताया।
अमित शाह के मुताबिक, नक्सलवाद के कारण देश में 13,700 से अधिक निर्दोष नागरिकों की जान गई, जबकि इस समस्या से निपटने के दौरान 3,600 से अधिक सुरक्षाकर्मियों ने सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लंबी लड़ाई में छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों को विशेष रूप से बड़ी क्षति उठानी पड़ी। इस संघर्ष में शहीद हुए जवानों का योगदान देश हमेशा याद रखेगा।
छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के बलिदान को किया याद
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में छत्तीसगढ़ लंबे समय तक सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल रहा है। यहां सुरक्षा बलों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच अभियान चलाकर आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गृह मंत्री ने शहीद जवानों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि देश उनकी वीरता और त्याग का ऋणी है। पुलिस स्मृति दिवस पर दिया गया संदेश उन सभी पुलिसकर्मियों को समर्पित है, जिन्होंने देश की सुरक्षा, शांति और नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
पुलिस स्मृति दिवस का उद्देश्य शहीद पुलिसकर्मियों के अद्वितीय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा को याद करना तथा उनके परिवारों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना है।



