रायपुर, 9 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता, सतर्कता और जनभागीदारी सबसे प्रभावी माध्यम हैं। साइबर सुरक्षा केवल शासन और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि साइबर जागरूकता को जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित ‘साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026’ के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया ने देश में बड़ा बदलाव किया है। आज गांवों तक डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार हुआ है। हालांकि डिजिटल सुविधाओं के साथ साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। अपराधी लगातार नए तरीकों और तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश
मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चले सात सप्ताह के साइबर जागृति अभियान की सराहना की। अभियान के दौरान प्रदेश की 34 पुलिस इकाइयों के समन्वय से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अभियान में 5 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित हुए और 5 लाख से अधिक सेल्फी के माध्यम से नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई। इसके जरिए लगभग 1 करोड़ 70 लाख लोगों तक साइबर अपराधों से बचाव का संदेश पहुंचाया गया।
विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर डिजिटल सुरक्षा, यूपीआई सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट, महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा, रोजगार संबंधी ठगी और डेटा गोपनीयता जैसे विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सात सप्ताह का अभियान समाप्त हुआ है, लेकिन साइबर जागरूकता की यात्रा समाप्त नहीं हुई है। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। युवाओं को साइबर जागरूकता के संवाहक के रूप में आगे आकर अपने परिवार और समाज को सुरक्षित बनाने में योगदान देना चाहिए।
सोशल मीडिया पर 6.02 करोड़ से अधिक व्यूज
अभियान में सोशल मीडिया का भी व्यापक इस्तेमाल किया गया। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और व्हाट्सऐप के माध्यम से साइबर सुरक्षा से जुड़ी सामग्री प्रसारित की गई।
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के सहयोग से अभियान के दौरान 3,100 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट साझा की गईं, जिन्हें 6.02 करोड़ से अधिक व्यूज मिले।
नागरिकों को ओटीपी और पासवर्ड साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक से बचने, फर्जी निवेश योजनाओं से सावधान रहने तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों को पहचानने की जानकारी दी गई। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया गया।
जिलों के अभिनव प्रयासों को मिला सम्मान
अभियान के दौरान विभिन्न जिलों ने स्थानीय स्तर पर कई अभिनव पहल की। मुंगेली में विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से करीब 15 हजार ग्रामीणों को जागरूक किया गया। गरियाबंद में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्व-सहायता समूहों की करीब 493 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया।
दुर्ग में नुक्कड़ नाटकों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से 15 हजार से अधिक नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। रायपुर की साइबर जागरूकता लघु फिल्म प्रतियोगिता में 11 राज्यों के 35 जिलों से 162 फिल्में प्राप्त हुईं।
जांजगीर-चांपा में ‘एक राखी साइबर जागृति के नाम’ अभियान से करीब 1.61 लाख नागरिक जुड़े, जबकि बिलासपुर में आकाशवाणी के फोन-इन कार्यक्रम के जरिए करीब आठ लाख श्रोताओं तक जागरूकता संदेश पहुंचा।
ट्रैफिक हैकाथॉन में युवाओं ने दिए स्मार्ट समाधान
मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 की सराहना करते हुए कहा कि रायपुर के बढ़ते विस्तार के साथ यातायात प्रबंधन की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। सड़क दुर्घटनाओं में कमी और यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी का बेहतर समन्वय जरूरी है।
हैकाथॉन के ओवरऑल विजेता कार्तिकेय पंत ने शंकर नगर टर्निंग पॉइंट की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ‘टैक्टिकल अर्बनिज्म’ आधारित मॉडल प्रस्तुत किया।
प्रतिभागियों ने टाटीबंध चौक, तेलीबांधा मरीन ड्राइव, आमापारा चौक, लोधीपारा चौक और शंकर नगर सहित प्रमुख स्थानों का अध्ययन कर पार्किंग प्रबंधन, सुरक्षित पैदल मार्ग, लेन मार्किंग और ट्रैफिक जाम कम करने के समाधान सुझाए।
युवाओं ने AI और Internet of Things (IoT) आधारित स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन के सुझाव भी दिए। ‘रायपुर नेत्र’ और ‘दृष्टि’ जैसी प्रस्तावित परियोजनाओं में सीसीटीवी और एआई के माध्यम से यातायात उल्लंघन की पहचान, जाम की पूर्व सूचना तथा एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए ग्रीन कॉरिडोर जैसी व्यवस्थाओं की परिकल्पना की गई।
साइबर अपराधों पर कार्रवाई से रिकवरी दर बढ़ी
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि दुनिया में होने वाले डिजिटल लेनदेन का लगभग 50 प्रतिशत भारत में हो रहा है। डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के साथ साइबर अपराधों से सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों, फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों और साइबर अपराधियों के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके परिणामस्वरूप साइबर अपराध से संबंधित एफआईआर में कमी आई है और ठगी गई रकम की रिकवरी दर में वृद्धि हुई है।
श्री शर्मा ने कहा कि यातायात व्यवस्था में स्थायी सुधार के लिए भी जनभागीदारी और नवाचार जरूरी है। इसी उद्देश्य से ट्रैफिक हैकाथॉन के जरिए युवाओं के व्यावहारिक सुझाव सामने आए हैं।
दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। विशेष रूप से बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उन मार्गों पर बस सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है, जहां पहले आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं होने के कारण परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने लाभ-हानि से ऊपर जनहित को प्राथमिकता दी है और ऐसे मार्गों पर बस संचालन से होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई की व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, पुलिस महानिदेशक अरुण गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।



