बिलासपुर, 25 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में STF और जिला विशेष शाखा ने कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक को हिरासत में लिया है। आरोपी की पहचान अतीक हुसैन (42) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह करीब 19 साल से बिलासपुर में रह रहा था और सीपत स्थित NTPC में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, अतीक को 24 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे सरकंडा क्षेत्र की सूर्या विहार कॉलोनी स्थित उसके किराए के मकान से हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और नौवीं की अंकसूची समेत कई दस्तावेज बरामद किए गए।

2005 में बांग्लादेश से भारत आने का दावा

पूछताछ में अतीक ने अपना मूल पता बांग्लादेश के नारायणगंज जिले का बताया। पुलिस के मुताबिक, उसने वर्ष 2005 में बांग्लादेश से भारत आने की बात स्वीकार की है। वह 2005 से 2007 तक तमिलनाडु में रहा और इसके बाद बिलासपुर आ गया। पुलिस का कहना है कि वर्ष 2007 से वह लगातार बिलासपुर में रह रहा था।

फर्जी दस्तावेज बनवाने का पुलिस का दावा

पुलिस के अनुसार, अतीक BECO LIFTS PRIVATE LIMITED के माध्यम से सीपत NTPC में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम कर रहा था। उसके कब्जे से मिले भारतीय पहचान और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान अतीक ने इन दस्तावेजों को गलत तरीके से बनवाने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दस्तावेज तैयार कराने में उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क है।

होल्डिंग सेंटर से फरार हुआ था

SSP रजनेश सिंह के मुताबिक, करीब 20 दिन पहले सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान अतीक से भी पूछताछ हुई थी। बाद में संदिग्ध लोगों को रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेजा गया था, जहां से पुलिस के अनुसार अतीक फरार हो गया था।

इसके बाद STF और जिला विशेष शाखा की टीम उसकी तलाश में जुटी थी। STF निरीक्षक संजय शिंदे को उसके सरकंडा क्षेत्र में छिपे होने की सूचना मिली, जिसके बाद निगरानी कर कार्रवाई की गई।

बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू

बिलासपुर पुलिस अब अतीक हुसैन को बांग्लादेश डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। आगे की कार्रवाई पूरी होने तक उसे रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जानकारी संबंधित बांग्लादेशी दूतावास को भी दी जा रही है।

पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 भी जारी किया है।

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