रायपुर, 19 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है और राज्य में निवेश की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के निर्माण की दिशा में मिशन मोड पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को नवा रायपुर में इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा आयोजित विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2026 में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास बहुमूल्य खनिज, पर्याप्त बिजली और स्किल्ड वर्कफोर्स जैसे संसाधन मौजूद हैं। सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है और इसके अनुरूप समयबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत की भव्य इमारत स्टील से तैयार होगी और छत्तीसगढ़ वर्तमान में देश के करीब 20 प्रतिशत स्टील का उत्पादन करता है। राज्य ने वर्ष 2030 तक 45 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश के करीब 20 प्रतिशत कोयले का उत्पादन करता है और वर्तमान में लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। एनर्जी समिट में करीब 3.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिन पर काम किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में 60 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में भी काम जारी है।

नई औद्योगिक नीति से निवेश को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का कोर सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके पीछे नई औद्योगिक नीति की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार द्वारा निवेशकों को पूंजी निवेश, ब्याज और तकनीक खरीद पर सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में छूट सहित विभिन्न प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। पावर, आईटी, स्टील, टेक्सटाइल, फार्मा और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि नई उद्योग नीति के तहत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।

बस्तर में पर्यटन की असीम संभावनाएं

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता के बाद बस्तर में शांति और विकास का नया वातावरण तैयार हुआ है। प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और जैव विविधता से भरपूर बस्तर में इको-टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की पहचान नक्सलवाद और हिंसा से जुड़ी घटनाओं तक सीमित रही, जिससे उसकी वास्तविक प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान पीछे छूट गई। अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और बस्तर शांति, विश्वास, विकास और पर्यटन की नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के माध्यम से बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों की सकारात्मक कहानियां देश-दुनिया तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर को अब नक्सलवाद नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और विकास के लिए जाना जाए, यह सभी का प्रयास होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल किसी क्षेत्र की पहचान को विस्तार देने का माध्यम नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मजबूत करने का भी बड़ा आधार है। बस्तर में पर्यटन बढ़ने से होटल, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और गाइड सेवाओं में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसका विशेष लाभ स्थानीय युवाओं और महिलाओं को मिलेगा तथा बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार मिल सकेगा।

लॉजिस्टिक्स के लिए भी छत्तीसगढ़ उपयुक्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य भारत में छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति, 3500 किलोमीटर से अधिक लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग और तेजी से विकसित हो रहे रेल नेटवर्क के कारण राज्य निवेश और लॉजिस्टिक्स के लिए महत्वपूर्ण बन रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने लॉजिस्टिक्स नीति भी तैयार की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में शांति और विकास को स्थायी स्वरूप देने के साथ पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि देश-दुनिया से पर्यटक निर्भय होकर बस्तर आएं और यहां की प्राकृतिक सुंदरता व विशिष्ट संस्कृति का अनुभव करें।

पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन का उल्लेख

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रही है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में देश ने विकास और जनकल्याण के अनेक क्षेत्रों में व्यापक बदलाव देखा है। पक्के आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और बुनियादी अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं से करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव आया है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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