रायपुर, 18 सितंबर 2026
युवाओं को विकास के केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार कौशल विकास, रोजगार, उच्च शिक्षा, उद्यमिता और खेल के क्षेत्र में अवसरों का विस्तार कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युवाओं को सक्षम, रोजगारपरक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं और पहल संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य शिक्षा और प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ना तथा युवाओं को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है।
18,330 युवाओं को मिल चुका प्रशिक्षण
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रदेश के 26 जिलों में करीब 18 हजार 330 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, आने वाले समय में 35 हजार और युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार ने कौशल विकास के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, ताकि प्रशिक्षण को उद्योगों और बाजार की बदलती जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सके।
युवाओं को शिक्षा, कौशल और अवसर उपलब्ध कराना लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य की उम्मीद हैं। सरकार का प्रयास है कि हर युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अवसर और पारदर्शी व्यवस्था मिले। युवा सशक्तीकरण विकसित छत्तीसगढ़ के विजन का केंद्र है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप है।
9 हजार सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया
सरकार के युवा केंद्रित एजेंडे में सरकारी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता को भी प्राथमिकता दी गई है। राज्य में करीब 9 हजार रिक्त सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
इसके साथ ही क्लास-3 और क्लास-4 के पदों पर भर्ती को एकीकृत, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए नए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग
युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने CG-ACE पहल शुरू की है। इसके तहत NEET, CLAT, JEE, UPSC, CGPSC, बैंकिंग, SSC और रेलवे जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है। इस पहल के लिए 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार
युवा विकास की रणनीति में उच्च शिक्षा को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। उच्च शिक्षा के बजट में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2025-26 में उच्च शिक्षा का बजट बढ़ाकर 1,822.75 करोड़ रुपये किया गया है।
राज्य के पांच सरकारी कॉलेजों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें जशपुर, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायगढ़ के कॉलेज शामिल हैं।
इसी तरह, आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की तर्ज पर कवर्धा, जशपुर, रायगढ़ और जगदलपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CGIT) विकसित किए गए हैं। आने वाले समय में रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में भी इनके विस्तार की योजना है।
रोजगार से आत्मनिर्भरता तक युवाओं पर फोकस
छत्तीसगढ़ सरकार की इन पहलों के जरिए कौशल विकास, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उच्च शिक्षा को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का जोर युवाओं को केवल रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, कुशल और नवाचारी मानव संसाधन बनाने पर है।
