रायपुर, 11 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों में लेटलतीफी को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसुविधा से जुड़े विकास कार्यों को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी और लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी निर्माण कार्यों की गति धीमी है, वहां आने वाली बाधाओं को तत्काल दूर कर काम में तेजी लाई जाए।
खामभाठा पुल निर्माण पर CM साय ने ली जानकारी
इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के खामभाठा क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल के कारण स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को हो रही परेशानी को गंभीरता से लिया।
मुख्यमंत्री ने गरियाबंद कलेक्टर रणबीर शर्मा से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने पुल निर्माण को निश्चित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब करने को भी कहा।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुल का निर्माण पूरा होने तक स्कूली बच्चों और क्षेत्रवासियों को किसी भी तरह का जोखिम उठाकर आवागमन न करना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन को तत्काल सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
खुले सरिए और गड्ढों को तत्काल सुरक्षित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन पुल स्थल पर सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम तत्काल करने को कहा। उन्होंने खुले और खतरनाक तरीके से लगे सरियों को सुरक्षित करने, गहरे गड्ढों और अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों को दुरुस्त करने तथा जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सभी कलेक्टरों को नियमित निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने जिलों में चल रहे निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करें और कार्यों में आने वाली बाधाओं का तत्काल समाधान कराएं।
उन्होंने कहा कि जनसुविधा और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा, ताकि स्वीकृत विकास कार्यों का लाभ नागरिकों को निर्धारित समय पर मिल सके।



