रायपुर, 22 अगस्त 2026

शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र है। किसी भी समाज की प्रगति उसकी भावी पीढ़ी को मिलने वाली शिक्षा, संस्कार और अवसरों पर निर्भर करती है। समाज का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर प्रतिभाशाली विद्यार्थी को आगे बढ़ने का अवसर मिले, यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज विकास समिति के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में कही।

रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सामाजिक सेवा और अपने दायित्वों के निष्ठापूर्वक निर्वहन की शपथ दिलाई।

शिक्षा, संस्कार और एकता के साथ आगे बढ़े कंवर समाज

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कंवर समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। संत गहिरा गुरु सहित समाज के पुरोधाओं ने शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक एकता का जो मार्ग दिखाया है, उसी पर चलते हुए नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर काम करना होगा।

उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज द्वारा सौंपा गया दायित्व केवल पद नहीं, बल्कि समाज को आगे ले जाने का अवसर है। सभी पदाधिकारी निष्ठा, समर्पण और सामूहिक भावना के साथ समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पदाधिकारियों का निर्वाचन निर्विरोध और सर्वसम्मति से संपन्न होना समाज की एकता और संगठन की मजबूती का प्रमाण है। समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है।

शिक्षा से खुलते हैं आगे बढ़ने के कई रास्ते

मुख्यमंत्री ने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी प्राप्त करना नहीं है। अच्छी शिक्षा व्यक्ति को उद्यमी, व्यापारी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और जिम्मेदार नागरिक बनने का मार्ग भी दिखाती है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्तमान में राज्य में 17 प्रयास विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सक्षम और प्रबुद्ध लोगों से जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग करने की अपील भी की।

जनकल्याणकारी योजनाओं का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया है।

उन्होंने बताया कि सरकार गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई और प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बनाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी किए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है और अब तक 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है।

जनजातीय समाज के सम्मान और विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होना पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय बताया।

उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के 6 हजार 661 गांवों को शामिल किया गया है। वहीं, विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से सड़क, आवास, बिजली, राशन कार्ड और नल से जल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, पीएम जनमन के अंतर्गत देशभर में बनने वाली लगभग 4 हजार किलोमीटर सड़कों में से 2 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें छत्तीसगढ़ में बन रही हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 57 एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है।

नक्सलवाद से मुक्त बस्तर में विकास की नई रफ्तार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चार दशकों से अधिक समय तक नक्सलवाद की त्रासदी झेलने वाले बस्तर में अब विकास की नई सुबह दिखाई दे रही है। जिन इलाकों में कभी विकास कार्य बड़ी चुनौती थे, वहां अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं।

उन्होंने बताया कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से पिछले ढाई वर्षों में 500 से अधिक गांवों तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। बस्तर में व्यापक स्वास्थ्य अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जबकि गंभीर और लंबे समय से बीमार 40 हजार से अधिक लोगों को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति और विश्वास के नए माहौल में बस्तर के जनजातीय युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर खुल रहे हैं।

प्राकृतिक संसाधनों से मजबूत बनेगा विकसित छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। प्रदेश में आयरन ओर, कोयला, बॉक्साइट, लिथियम, टिन, सोना और हीरा जैसे बहुमूल्य खनिज उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर की वनोपज के वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की आय बढ़े और रोजगार के नए अवसर तैयार हों। कृषि और सिंचाई अधोसंरचना के विस्तार के लिए पिछले ढाई वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की नई सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।

कंवर समाज के सामुदायिक भवनों के लिए 1.55 करोड़ से अधिक की घोषणा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कंवर समाज के विभिन्न सामुदायिक भवनों के निर्माण, विकास और जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 55 लाख रुपए से अधिक की राशि देने की घोषणा की।

इसमें—

  • रायपुर के लाभांडी में निर्माणाधीन कंवर भवन के विकास के लिए 70 लाख रुपए
  • राजनांदगांव के छुरिया परिक्षेत्र में कंवर समाज भवन के लिए 25 लाख रुपए
  • कंवर पैंकरा समाज सर्कल तमोरा में सामुदायिक शेड के लिए 10 लाख रुपए
  • ग्राम खैरझिटी में सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपए
  • महासमुंद के ग्राम नरतोरा में सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपए
  • ग्राम झलप में सामाजिक भवन के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 20 लाख रुपए
  • गरियाबंद के ग्राम जोजरा में कंवर समाज भवन के लिए 10 लाख रुपए

की राशि शामिल है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में लगाया सिंदूर का पौधा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाभांडी स्थित कंवर समाज के नवनिर्माणाधीन सामुदायिक भवन परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सिंदूर का पौधा लगाया।

मुख्यमंत्री के साथ समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों, वरिष्ठ सगा-जनों और प्रबुद्धजनों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राज्यसभा सांसद श्री नंदकुमार साय ने शिक्षा को समाज और प्रदेश की प्रगति का आधार बताया। वहीं, कंवर समाज विकास समिति के अध्यक्ष श्री हरवंश सिंह मिरी ने कहा कि पद के साथ समाज की एकता, सेवा, शिक्षा, संस्कार और उत्थान की बड़ी जिम्मेदारी जुड़ी होती है।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री ननकीराम कंवर, महासचिव श्री शिव कुमार कंवर, कार्यकारी अध्यक्ष श्री थान सिंह दीवान, महिला प्रभाग की अध्यक्ष श्रीमती सविता साय, कोषाध्यक्ष श्री प्रेम सिंह कंवर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

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