रायपुर, 18 अगस्त 2026
युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता से बनेगा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर देकर राष्ट्र निर्माण से व्यापक रूप से जोड़ना जरूरी है।
मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित ‘मेरा युवा भारत’ (माय भारत) की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने माय भारत की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को इस मंच से जोड़ने और विभिन्न विभागों की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
युवाओं को मिलेगा सेवा और नेतृत्व का अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का प्रत्येक युवा विकास की मुख्यधारा से जुड़े और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाए। आज का युवा तकनीक और डिजिटल माध्यमों से पूरी दुनिया से जुड़ा है। उसमें नवाचार और बदलाव को अपनाने की क्षमता है। इस ऊर्जा को राष्ट्रहित के कार्यों में लगाने के लिए युवाओं को सही दिशा, अवसर और मंच उपलब्ध कराना आवश्यक है।
उन्होंने स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, पर्यावरण संरक्षण, सिविक सेंस, इतिहास, पर्यटन, कौशल विकास, कृषि, तकनीकी शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने ‘सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़’ की भावना के अनुरूप ग्राम से राज्य स्तर तक मजबूत समन्वय और युवा नेटवर्क विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने युवाओं के लिए डिजिटल डिटॉक्स, सेवा भाव, सामाजिक जुड़ाव और सामुदायिक उत्तरदायित्व से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने कहा।
देशभर में 2.65 करोड़ से अधिक युवा माय भारत से जुड़े
बैठक में बताया गया कि ‘मेरा युवा भारत’ युवाओं को सरकार, समाज और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने वाला डिजिटल एवं भौतिक मंच है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2023 को इसका शुभारंभ किया था।
वर्तमान में देशभर में 2.65 करोड़ से अधिक युवा माय भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं। छत्तीसगढ़ में भी 6.60 लाख से अधिक युवा इससे जुड़ चुके हैं। माय भारत को युवाओं और सरकार के बीच सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां स्वयंसेवा, अनुभव आधारित शिक्षण, कौशल, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़े अवसरों की जानकारी उपलब्ध होती है।
अनुभव आधारित कार्यक्रमों से युवाओं को मिल रहा अवसर
बैठक में बताया गया कि देशभर में 24 हजार 900 से अधिक ईएलपी (Experiential Learning Programmes) के माध्यम से 1.21 लाख युवाओं को शासन की विभिन्न गतिविधियों से जुड़कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ है। छत्तीसगढ़ में 233 ईएलपी के माध्यम से 2 हजार 389 से अधिक युवा जुड़े हैं।
इसी तरह देशभर में 1.53 लाख से अधिक स्वयंसेवा अवसरों के माध्यम से 10 लाख से अधिक युवाओं को सेवा गतिविधियों से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ में 5 हजार 778 वालंटियर अवसरों के माध्यम से 23 हजार 900 से अधिक युवाओं ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया है।
गांव से राज्य स्तर तक बनेगा मजबूत युवा नेटवर्क
माय भारत की संगठनात्मक संरचना के अंतर्गत मुख्यालय के साथ 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यालय, जिला कार्यालय, युवा क्लब और माय भारत स्वयंसेवकों की व्यवस्था है। इस नेटवर्क के जरिए ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक युवाओं को विभिन्न गतिविधियों और अवसरों से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को गैर-राजनीतिक सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और रुचि की पहचान कर उन्हें ऐसे अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का विकास हो तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत बने।
‘विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग’ पर जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग को युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने की महत्वपूर्ण पहल बताया। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में इसमें 30 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
छत्तीसगढ़ में ‘विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग’ आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। इसके माध्यम से खेल, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और कृषि जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
बैठक में विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट, विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, विकसित भारत युवा कनेक्ट, यूथ आइकन, विकसित भारत पदयात्रा, सरदार@150 पदयात्रा और ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की जानकारी भी दी गई।
बस्तर के युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के युवाओं को माय भारत से व्यापक स्तर पर जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर नक्सलवाद की हिंसा और भय के दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में बस्तर के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक परिस्थितियों के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर रहे युवाओं के लिए अब नए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं। माय भारत से जुड़ने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, प्रतिभा को पहचान मिलेगी और अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से बस्तर के सुदूर क्षेत्रों तक विकास और अवसर पहुंच रहे हैं। पिछले दो वर्षों में बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा, कला और संस्कृति प्रदर्शित करने का मंच दिया है। इसी प्रकार माय भारत के माध्यम से भी बस्तर के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने और नेतृत्व करने के अवसर दिए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के युवाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य को उचित अवसर देकर उन्हें छत्तीसगढ़ और देश के विकास का सक्रिय भागीदार बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक के दौरान माय भारत की वालंटियर अदिति द्वारा तैयार ट्राइबल आर्ट का छायाचित्र मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, माय भारत की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित माय भारत के राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।



