रायपुर, 10 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ में संभावित बाढ़ आपदा से निपटने और पूर्व तैयारियों को मजबूत करने के लिए राज्य स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा आयोजित उच्चस्तरीय कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा की गई।
कॉन्फ्रेंस में निर्णय लिया गया कि 18 अगस्त को राज्य स्तरीय टेबल-टॉप एक्सरसाइज और 20 अगस्त को व्यापक मॉक एक्सरसाइज (मॉक ड्रिल) आयोजित की जाएगी। इन अभ्यासों का उद्देश्य आपदा के दौरान प्रशासन की वास्तविक क्षमताओं, तैयारियों और अंतर-विभागीय समन्वय को परखना है।
त्वरित राहत और बचाव के लिए तैयारियों का परीक्षण
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे टेबल-टॉप एक्सरसाइज की सभी प्रक्रियाओं और SOP (Standard Operating Procedure) को अच्छी तरह समझें।
उन्होंने कहा कि वास्तविक आपदा की स्थिति में शून्य देरी के साथ राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना जरूरी है। इसके लिए पूर्वाभ्यास और तैयारियों का परीक्षण बेहद महत्वपूर्ण है।
अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर
बैठक में बाढ़ की स्थिति में विभिन्न विभागों की भूमिका और आपसी समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। आपदा के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) और पशुपालन विभाग द्वारा की जाने वाली त्वरित कार्रवाई की तैयारियों की समीक्षा की गई।
कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी हुए शामिल
इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर सेना, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, रायपुर रेल मंडल (DRM), स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के निदेशक, दूरसंचार, विज्ञान केंद्र और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
इसके अलावा पंचायत, ऊर्जा, परिवहन और खाद्य विभाग के अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। प्रदेश के सभी जिलों के नोडल अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से कॉन्फ्रेंस से जुड़े रहे।
राज्य सरकार का उद्देश्य संभावित बाढ़ की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर समन्वय और प्रभावी राहत-बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि आपदा के समय प्रशासनिक तंत्र पूरी क्षमता के साथ काम कर सके।



