रायपुर, 8 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ एस.डी.जी. 2.0 फ्रेमवर्क का विमोचन किया। इस अवसर पर एस.डी.जी. राज्य एवं जिला संकेतक फ्रेमवर्क 2.0, मेटाडेटा हैंडबुक तथा बस्तर के समग्र एवं परिणामोन्मुख विकास के लिए तैयार की गई ‘बस्तर अंजोर’ पहल का भी शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, सटीक डेटा और परिणाम आधारित मॉनिटरिंग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एस.डी.जी. 2.0 फ्रेमवर्क शासन को साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय और योजनाओं की नियमित निगरानी के लिए मजबूत आधार उपलब्ध कराएगा।
नए एस.डी.जी. 2.0 के तहत राज्य स्तर पर संकेतकों की संख्या 275 से बढ़ाकर 343 तथा जिला स्तर पर 82 से बढ़ाकर 99 कर दी गई है। इसके साथ जारी मेटाडेटा हैंडबुक में प्रत्येक संकेतक की गणना और रिपोर्टिंग प्रणाली को मानकीकृत किया गया है, जिससे विकास कार्यों की निगरानी अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और विश्वसनीय होगी।
कार्यक्रम में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने ‘बस्तर अंजोर’ की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह अभिसरण (Convergence) आधारित विकास मॉडल है। इसके 3+4 मॉडल के अंतर्गत नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर जैसी पहलों को एस.डी.जी. 2030, विकसित छत्तीसगढ़ @2047, आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम से जोड़ा गया है, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और अधोसंरचना के क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकें।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित मंत्रिपरिषद के सदस्य और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
