जगदलपुर, 10 अगस्त 2026। दंतेवाड़ा के कटेकल्याण जैसे नक्सल प्रभावित इलाके से निकलकर युवा तेज गेंदबाज रुद्र प्रताप देहारी ने क्रिकेट की दुनिया में बड़ी छलांग लगाई है। अपनी तेज रफ्तार और शानदार प्रदर्शन के दम पर रुद्र का चयन आईपीएल की चर्चित फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस के रिलायंस-1 क्रिकेट सेटअप में हुआ है। अब वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और क्रिकेट एक्सपोजर के लिए दक्षिण अफ्रीका रवाना हो रहे हैं।

रुद्र की पहचान उनकी 140 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार वाली गेंदबाजी से है। छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग में बिलासपुर बुल्स की तरफ से खेलते हुए उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और 15 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की। इसी प्रदर्शन ने मुंबई इंडियंस के स्काउट्स और रिलायंस मैनेजमेंट का ध्यान अपनी ओर खींचा और उन्हें डेवलपमेंट स्क्वॉड में जगह मिली।

चार साल पहले मां के साथ पहुंचे थे क्रिकेट अकादमी

रुद्र का क्रिकेट सफर करीब चार साल पहले शुरू हुआ, जब वह अपनी मां के साथ बस्तर इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिकेट, कालीपुर पहुंचे थे। उस वक्त रुद्र दुबले-पतले थे, लेकिन तेज गेंदबाजी को लेकर उनका जुनून देखते ही बनता था। पहली बार ड्यूज बॉल से टर्फ विकेट पर गेंदबाजी की तो उनकी गति ने प्रशिक्षकों को प्रभावित किया।

रुद्र की वास्तविक गेंदबाजी गति पता करने के लिए करीब 50 हजार रुपये की स्पीड मशीन खरीदी गई। अभ्यास के दौरान उन्होंने लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार दर्ज कराई। इसके बाद उनकी ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दिया गया।

अंडर-19 से एनसीए तक बनाया सफर

लगातार मेहनत के बाद रुद्र ने बस्तर संभाग की अंडर-19 टीम में जगह बनाई। इसके बाद छत्तीसगढ़ अंडर-19 टीम का हिस्सा बनकर उन्होंने कूच बिहार और वीनू मांकड़ ट्रॉफी में लगातार दो साल खेला।

उनके प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन नेशनल क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के लिए हुआ। अंडर-23 स्तर पर सीके नायडू ट्रॉफी में भी रुद्र ने अपनी तेज गेंदबाजी से प्रभावित किया।

अब दक्षिण अफ्रीका में मिलेगी विश्वस्तरीय ट्रेनिंग

मुंबई इंडियंस के रिलायंस सेटअप में चयन के बाद अब रुद्र को दक्षिण अफ्रीका में विश्वस्तरीय क्रिकेट सुविधाओं और विशेषज्ञों के बीच प्रशिक्षण लेने का अवसर मिलेगा। बस्तर के इस युवा तेज गेंदबाज के लिए यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का पल है।

नक्सल प्रभावित इलाके से निकलकर क्रिकेट के बड़े मंच तक पहुंचने वाले रुद्र प्रताप की कहानी यह साबित करती है कि प्रतिभा और मेहनत को सही मंच मिल जाए तो बस्तर की मिट्टी से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं।

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