दिल्ली के मंच पर जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की पंडवानी परंपरा, तीजन बाई की स्मृति में हुई विशेष प्रस्तुति
दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी लोक परंपरा की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पद्म विभूषण तीजन बाई की स्मृति को समर्पित इस विशेष प्रस्तुति के साथ IHC लोक संगीत सम्मेलन 2026 का शुभारंभ हुआ।
डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएगी सरकार, हर साल मिलेगा ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’; गनियारी स्कूल का होगा नामकरण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्म विभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। राज्योत्सव में हर साल 'डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण' दिया जाएगा, गनियारी के शासकीय स्कूल का नाम उनके नाम पर रखा जाएगा और उनका
CM विष्णु देव साय आज विधानसभा सत्र के बाद दुर्ग जाएंगे, डॉ. तीजन बाई की श्रद्धांजलि सभा में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 जुलाई को विधानसभा सत्र में शामिल होने के बाद दुर्ग जिले के ग्राम-गनियारी पहुंचेंगे, जहां वे पद्म विभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगे।
विधानसभा में गूंजा डॉ. तीजन बाई का सम्मान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, कहा- छत्तीसगढ़ ने खोया लोकसंस्कृति का अनमोल रत्न
छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके निधन से प्रदेश ने अपनी लोकसंस्कृति का अनमोल रत्न खो दिया है।
8 जुलाई को पद्म विभूषण स्व. तीजन बाई को संगीतमय श्रद्धांजलि, मुक्ताकाशी मंच पर जुटेंगे छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार
पद्म विभूषण स्व. तीजन बाई को 8 जुलाई को महंत घासीदास संग्रहालय परिसर स्थित मुक्ताकाशी मंच पर संगीतमय श्रद्धांजलि दी जाएगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, पद्मश्री सम्मानित कलाकार और बड़ी संख्या में कला प्रेमी शामिल होंगे।
पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को अंतिम श्रद्धांजलि: CM Vishnu Dev Sai ने एम्स पहुंचकर अर्पित किए पुष्पचक्र, कहा- छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को अपूरणीय क्षति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एम्स रायपुर पहुंचकर पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि पंडवानी को वैश्विक पहचान दिलाने वाली महान लोक कलाकार का निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति है।



