छत्तीसगढ़ के 6 जिलों के 309 पारंपरिक वैद्यों को मिला प्रमाण पत्र, केदार कश्यप ने औषधीय ज्ञान के संरक्षण पर दिया जोर
छत्तीसगढ़ के 6 जिलों के 309 पारंपरिक वैद्यों को कोंडागांव में आयोजित कार्यक्रम में प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वन मंत्री केदार कश्यप ने पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान के दस्तावेजीकरण, औषधीय पौधों के संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने पर जोर दिया। बोर्ड ने 31 मार्च 2027 तक 1,000 वैद्यों
बस्तर के जैविक वनोपज को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की पहल, विजय शर्मा ने महिला किसान कंपनी को एनपीओपी प्रमाणपत्र मिलने पर दी बधाई
दंतेवाड़ा की माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी को वनोपज के लिए NPOP जैविक प्रमाणन मिला। 1080 महिला शेयरधारकों और 60 उत्पादक समूहों से जुड़ी कंपनी का कारोबार एक करोड़ रुपये पार कर चुका है। दण्डक ब्रांड के जरिए बस्तर के स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी
विशेष लेख: सेवा संकल्प अभियान 2026 में बिहान से बदल रही सरगुजा की महिलाओं की तस्वीर, हुनर से आत्मनिर्भरता की नई राह
सेवा संकल्प अभियान 2026 में सरगुजा की ग्रामीण महिलाएं बिहान के जरिए आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। लटोरी की 20 महिलाएं हस्तशिल्प से जुड़ीं, जबकि सूरजपति ने 60 हजार के ऋण से ऑटो और किराना व्यवसाय खड़ा कर करीब 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय हासिल की।
महतारी वंदन के ₹1000 से ईश्वरी ने संवारी सब्जी-बाड़ी, बच्चों की पढ़ाई और परिवार की आमदनी को मिला नया सहारा
जीपीएम के बम्हनी गांव की ईश्वरी मरकार ने महतारी वंदन योजना से मिलने वाले ₹1000 मासिक का उपयोग सब्जी-बाड़ी विकसित करने में किया। अब अतिरिक्त उपज बेचकर परिवार की आमदनी बढ़ा रही हैं।
लेमन ग्रास की खेती से महक रही आत्मनिर्भरता, जीपीएम की 10 महिला समूहों ने 20 एकड़ में शुरू किया रोजगार का नया सफर
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के ग्राम अमारू में 10 महिला स्वसहायता समूहों ने करीब 20 एकड़ में लेमन ग्रास की खेती शुरू की है। महिलाएं तेल उत्पादन और बाजार से जुड़कर ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
विशेष लेख: सेवा संकल्प अभियान 2026—घोलेंग में हुनर को मिल रही नई उड़ान, टेक्सटाइल प्रशिक्षण से रोजगार और स्वरोजगार की राह मजबूत
जशपुर के घोलेंग में पारंपरिक हस्तकरघा कला को आधुनिक तकनीक और कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। आजीविका परिसर में प्रशिक्षण के साथ उत्पादन और बाजार से जुड़ने की दिशा में भी काम हो रहा है।
बिहान से मिला आर्थिक संबल, खीरे की खेती से सुभद्रा मंडल ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी
अम्बिकापुर विकासखंड की सुभद्रा मंडल ने काली माँ स्व-सहायता समूह से जुड़कर 1 लाख रुपये का ऋण लिया और एक एकड़ में खीरे की खेती शुरू की। खेती के जरिए वे आय बढ़ाने और ‘लखपति दीदी’ बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही हैं।
जिले की पहचान विष्णुभोग चावल से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का सम्मान, महिला समूहों की मेहनत को मिली सराहना
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही दौरे पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का जिले की प्रसिद्ध विष्णुभोग चावल से सम्मान किया गया। मंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों के प्रयासों और स्थानीय कृषि परंपरा की सराहना करते हुए ऐसे उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने पर जोर दिया।
गांवों में विकास की नई शुरुआत: VB जी राम जी योजना लागू, 125 दिन रोजगार और 4000 करोड़ का बजट
रायपुर, 01 जुलाई 2026/ देशभर में 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना लागू हो रही है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका संवर्धन और आधारभूत विकास को नई गति देने के उद्देश्य से प्रारंभ की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र



