मरवाही के डोंगरी टोला में जल संरक्षण को मिली नई दिशा, 250 परिवारों को राहत और ग्रामीणों को 3166 मानव दिवस रोजगार
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड स्थित डोंगरी टोला में 3 हजार स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच से 24.30 लाख लीटर वर्षा जल संग्रहण की क्षमता विकसित की गई है। इस पहल से 250 परिवारों को जल सुरक्षा की उम्मीद है, जबकि निर्माण कार्य से अब तक 3166 मानव दिवस रोजगार का सृजन
सेवा संकल्प अभियान 2026 : जल संरक्षण को मिली गति, 3800 कंटूर ट्रेंच से गांवों में रोजगार और आजीविका मजबूत
जशपुर के मनोरा क्षेत्र के ओरडीह और आराकोना में 3800 कंटूर ट्रेंच, आजीविका डबरी, गैबियन और चेकडैम से जल संरक्षण के साथ ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है।
बारिश की हर बूंद सहेजने में छत्तीसगढ़ देश में नंबर-1, जल संचय जन भागीदारी के तीसरे चरण में हासिल की पहली रैंक
जल संचय जन भागीदारी (JSJB 3.0) के तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश के जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण मॉडल को प्रस्तुत किया। कोरिया का 5 प्रतिशत मॉडल और राज्य
नदी बचेगी तो जल बचेगा और जल बचेगा तो जीवन बचेगा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘स्रोत महोत्सव 2026’ का शुभारंभ करते हुए कहा कि नदी संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देना होगा। प्रदेश में नदियों के संरक्षण के लिए मानचित्रण, संरक्षण, पुनर्भरण, जनभागीदारी और कार्ययोजना के पांच प्रमुख स्तंभों पर काम किया जाएगा। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के



