CM विष्णुदेव साय ने ‘दीदी के गोठ’ की तारीफ में कही बड़ी बात: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का बन चुका है मजबूत मंच

CM विष्णुदेव साय ने ‘दीदी के गोठ’ की तारीफ में कही बड़ी बात: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का बन चुका है मजबूत मंच

रायपुर, 9 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम प्रदेश की माताओं और बहनों के लिए आत्मनिर्भरता, आजीविका, नवाचार और स्वरोजगार से जुड़ी प्रेरक जानकारियों का सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि एक सफल महिला की कहानी हजारों अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है और यही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ वार्षिकोत्सव-2026 एवं संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका तथा ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने अपनी सफलता की कहानी साझा करने वाली दीदियों का सम्मान किया तथा 12 एपिसोड पर आधारित प्रदर्शनी और फोटो गैलरी का अवलोकन कर महिलाओं से संवाद भी किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले की लखपति दीदी विद्या निषाद से वर्चुअल संवाद किया। विद्या निषाद ने बताया कि कोरोना काल में पति के निधन के बाद उन्हें बिहान समूह से प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कपड़े और फैंसी स्टोर का व्यवसाय शुरू किया तथा आज प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘दीदी के गोठ’ ने एक वर्ष का सफल सफर पूरा कर लिया है और अब तक 12 एपिसोड प्रसारित किए जा चुके हैं। प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को एक सफल महिला अपनी स्थानीय बोली में संघर्ष और सफलता की कहानी साझा करती है, जिससे प्रदेशभर की महिलाओं को नई प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी स्वरूप माना गया है। आज महिलाएं बिहान से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। कोई ड्रोन दीदी, कोई राजमिस्त्री, कोई ऑर्गेनिक खेती, तो कोई पशुपालन, सेटरिंग प्लेट निर्माण और अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आज की लखपति दीदियां भविष्य में करोड़पति दीदी बनकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान आरंग क्षेत्र में मातृशक्ति द्वारा संचालित गोट यूनिट का उल्लेख करते हुए कहा कि बकरी, मुर्गी और मछली पालन के एकीकृत मॉडल से महिलाएं आत्मनिर्भर और लखपति बन रही हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे पूरे कर दिए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश को 18 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 11 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। वहीं महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में हर माह एक-एक हजार रुपये की राशि अंतरित की जा रही है तथा अब तक 28 किश्तों में लगभग 18 हजार करोड़ रुपये महिलाओं तक पहुंचाए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक बिजली, पानी, राजस्व, पुलिस सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए लगभग 8 हजार अधिकारी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत अब तक 700 करोड़ रुपये से अधिक का सरचार्ज माफ किया जा चुका है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ महिलाओं के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का प्रभावी मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के सफल क्रियान्वयन में बिहान समूहों की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है तथा राज्य सरकार ने इसके लिए 26 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए ’36 कला’ ब्रांड विकसित किया गया है। सरकार समूहों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ रही है, ताकि महिलाएं अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाकर बेहतर आय अर्जित कर सकें। उन्होंने ड्रोन दीदी और बस्तर में स्व-सहायता समूहों की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं समूहों के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बन रही हैं। वहीं कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ के माध्यम से प्रदेशभर की महिलाओं तक नवाचार, सफलता और स्वरोजगार की प्रेरक कहानियां पहुंच रही हैं।

गौरतलब है कि ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम का प्रसारण 31 अगस्त 2025 से प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जा रहा है। एक वर्ष में 12 एपिसोड के माध्यम से 25 जिलों की 38 दीदियों ने अपनी स्थानीय बोली में नवाचार, आजीविका, लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, कृषि सखी, पशु सखी, प्रधानमंत्री आवास योजना, वित्तीय समावेशन, साइबर अपराध से बचाव, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी सहित अनेक विषयों पर प्रेरक अनुभव साझा किए हैं।

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