रायपुर, 2 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है। इसी क्रम में आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही जिले के 17 स्वास्थ्य केंद्र अब राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल कर चुके हैं।
राष्ट्रीय मूल्यांकन में कलेक्टर श्री अमित कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य केंद्र ने 93.04 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इस उपलब्धि का श्रेय सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी श्री मणीन्द्र कुर्रे, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक श्रीमती रेणूका सूना, श्री माड़वी हिड़मा तथा पूरी स्वास्थ्य टीम के समर्पण और बेहतर कार्यप्रणाली को दिया गया है।
एनक्वास (National Quality Assurance Standards) प्रमाणपत्र भारत सरकार द्वारा उन स्वास्थ्य संस्थानों को प्रदान किया जाता है, जो गुणवत्ता के निर्धारित मानकों पर पूरी तरह खरे उतरते हैं। मूल्यांकन में मरीजों की संतुष्टि, स्वच्छता, सुरक्षित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य, संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की देखभाल, प्रयोगशाला सेवाएं तथा स्वास्थ्य प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की जाती है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 आधुनिक प्रसव कक्ष, सुसज्जित प्रयोगशाला और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों से सुसज्जित है। यह केंद्र लगभग 7,417 ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से सुकमा में स्वास्थ्य अधोसंरचना लगातार मजबूत हो रही है। आयुष्मान भारत सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
सुकमा की यह उपलब्धि दर्शाती है कि मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति, प्रभावी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्वास्थ्य कर्मियों की समर्पित सेवा से दूरस्थ एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। आज सुकमा का यह मॉडल प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य आकांक्षी जिलों के लिए भी प्रेरणादायक बनकर उभरा है।
