रायपुर, 3 नवंबर 2026
छत्तीसगढ़ ने वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत श्रमिकों की ई-केवाईसी के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदेश ने श्रमिकों के डिजिटल सत्यापन में शानदार प्रदर्शन किया है।
केंद्र सरकार की 3 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ ने अकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में 91.37 प्रतिशत उपलब्धि के साथ सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की संयुक्त रैंकिंग में चौथा स्थान हासिल किया है। वहीं बड़े राज्यों में प्रदेश पहले स्थान पर है।
इसी तरह कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में 82.28 प्रतिशत उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ सभी राज्यों में पहले और राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की संयुक्त रैंकिंग में दूसरे स्थान पर है। दोनों श्रेणियों में प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर रहा है।
अकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में बड़े राज्यों में छत्तीसगढ़ प्रथम
केंद्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में वीबी-जी राम जी के अंतर्गत कुल 79 लाख 23 हजार 503 पंजीकृत अकुशल श्रमिकों में से 76 लाख 20 हजार 979 श्रमिकों का आधार सीडिंग कार्य पूरा हो चुका है। इनमें से 72 लाख 39 हजार 364 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है। इस प्रकार प्रदेश ने 91.37 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है।
राष्ट्रीय स्तर पर लद्दाख 97.59 प्रतिशत, मिजोरम 97.42 प्रतिशत और त्रिपुरा 92.79 प्रतिशत के साथ क्रमशः पहले तीन स्थानों पर हैं। छत्तीसगढ़ 91.37 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर है। वहीं बड़े राज्यों की श्रेणी में प्रदेश पहले स्थान पर है।
इस श्रेणी में राष्ट्रीय औसत 61.01 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ़ की उपलब्धि इससे 30.36 प्रतिशत अंक अधिक है। प्रदेश ने पश्चिम बंगाल (89.10 प्रतिशत), तमिलनाडु (83.17 प्रतिशत), आंध्र प्रदेश (81.27 प्रतिशत), कर्नाटक (69.93 प्रतिशत), मध्य प्रदेश (63.78 प्रतिशत), उत्तर प्रदेश (56.58 प्रतिशत) और महाराष्ट्र (32.27 प्रतिशत) से बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है।
कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में सभी राज्यों में पहला स्थान
वीबी-जी राम जी के अंतर्गत कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में भी छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश के कुल 77 हजार 891 पंजीकृत श्रमिकों में से 73 हजार 596 श्रमिकों का आधार सीडिंग और 64 हजार 87 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।
इस तरह प्रदेश ने 82.28 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। राष्ट्रीय रैंकिंग में केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव 98.33 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है, जबकि छत्तीसगढ़ 82.28 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है। हालांकि, सभी राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ इस श्रेणी में पहले स्थान पर है।
इस श्रेणी में राष्ट्रीय औसत केवल 13.53 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ़ की उपलब्धि इससे 68.75 प्रतिशत अंक अधिक है। महाराष्ट्र में 56.70 प्रतिशत, कर्नाटक में 36.95 प्रतिशत, गुजरात में 27.04 प्रतिशत, तमिलनाडु में 25.03 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 16.47 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में केवल 4.36 प्रतिशत श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हुई है।
73 लाख से अधिक श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी
छत्तीसगढ़ में दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 80 लाख 1 हजार 394 पंजीकृत श्रमिकों में से 76 लाख 94 हजार 575 श्रमिकों का आधार सीडिंग कार्य पूरा किया जा चुका है। वहीं 73 लाख 3 हजार 451 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।
इस प्रकार प्रदेश में कुल पंजीकृत श्रमिकों में से 91.28 प्रतिशत की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है।
श्रमिकों की ई-केवाईसी से योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों की पहचान का सत्यापन, अभिलेखों की शुद्धता और रोजगार एवं मजदूरी भुगतान से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इससे पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और डिजिटल व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायता मिलेगी।
पारदर्शी व्यवस्था और श्रमिकों के हितों पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, श्रमिकों के हितों की सुरक्षा और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है।
इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में वीबी-जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, श्रमिकों के सत्यापन और विभागीय कार्यों की नियमित निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है।



