रायपुर,29 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए राज्य सरकार फसल विविधीकरण और बाजार आधारित कृषि को प्राथमिकता दे रही है। कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन, मिलेट्स और अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जिले में दो से तीन विशिष्ट कृषि मॉडल विकसित किए जाएंगे, ताकि किसानों को बेहतर उत्पादन और बाजार उपलब्ध कराकर उनकी आमदनी बढ़ाई जा सके।
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री परदेशी ने 28 अक्टूबर 2026 को रायपुर संभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन, सहकारिता, बीज निगम और मंडी बोर्ड सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
धान के बदले दलहन, तिलहन और मिलेट्स की खेती पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान
कृषि उत्पादन आयुक्त ने फसल विविधीकरण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, कोदो-कुटकी और रागी जैसी मिलेट्स फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने बताया कि निर्धारित योजना के तहत धान के बदले पात्र वैकल्पिक फसलों की खेती करने पर किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान देने का प्रावधान है। इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, उद्यानिकी फसलों के विस्तार पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों से फूलों, फलों, मखाना और ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फसल विविधीकरण का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना भी है।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश
आगामी 15 नवंबर 2026 से शुरू होने वाले धान खरीदी अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
इसके लिए कृषि, सहकारिता और मार्कफेड सहित संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में खाद और बीज की उपलब्धता, भंडारण तथा वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
उन्होंने इन कार्यों में पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए साथी पोर्टल का प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया।
चक्रवात से फसलों को नुकसान होने पर तत्काल सर्वे
बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवात के संभावित प्रभावों को देखते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में चक्रवात के कारण फसलों को नुकसान होने पर तत्काल सर्वे कराया जाए।
प्रभावित किसानों के मामलों की जांच कर शासन के प्रचलित नियमों और योजनाओं के तहत पात्र किसानों को राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
कृषि मशीनों के संचालन का किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
कृषि यंत्रीकरण योजना की समीक्षा के दौरान श्री परदेशी ने कहा कि आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता के बावजूद बुआई और कटाई के समय हरियाणा, पंजाब सहित अन्य राज्यों से आने वाली मशीनों का उपयोग अधिक दिखाई देता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं के तहत कृषि यंत्र प्राप्त करने वाले किसानों को मशीनों के संचालन, रखरखाव और व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाए। इससे किसान उपलब्ध मशीनों का बेहतर इस्तेमाल कर सकेंगे और खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी।
अमानक बीज और कीटनाशक बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
निजी कृषि आदान विक्रय केंद्रों में अनियमितताओं की शिकायतों पर कृषि उत्पादन आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कुछ विक्रेताओं द्वारा किसानों को प्रतिष्ठित कंपनियों के बीज या कीटनाशक खरीदने के साथ जबरन दूसरे उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं।
उन्होंने ऐसी फोर्स टैगिंग पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही बिना लाइसेंस कीटनाशक बेचने और अमानक उत्पादों का विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाने को कहा।
दोषी विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बलौदाबाजार में 700 एकड़ में ब्लैक राइस की खेती
बैठक में बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड में लगभग 700 एकड़ क्षेत्र में ब्लैक राइस की खेती की पहल की जानकारी दी गई। जिले के कलेक्टर ने बताया कि इस विशिष्ट चावल के विपणन के लिए जापान की एक कंपनी के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। बैठक में इसके 25 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से विक्रय की जानकारी भी दी गई।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बाजार की मांग के अनुरूप विशिष्ट कृषि उत्पादों का उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने अन्य जिलों को भी स्थानीय जलवायु, मिट्टी, उत्पादन क्षमता और बाजार की मांग के आधार पर ऐसे नवाचार अपनाने के निर्देश दिए।
हर जिले में विकसित होंगे दो से तीन विशिष्ट कृषि मॉडल
श्री परदेशी ने रायपुर संभाग के सभी जिलों के अधिकारियों को कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के साथ समन्वय स्थापित कर दो से तीन विशिष्ट कृषि गतिविधियों का चयन करने को कहा।
इन गतिविधियों का चयन जिले की जलवायु, मिट्टी, उपलब्ध संसाधनों और बाजार की मांग के आधार पर किया जाएगा। चयनित गतिविधियों को कृषि मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर उत्पादन और विपणन के नए अवसर मिल सकें।
इस पहल से प्रत्येक जिले को कृषि क्षेत्र में अलग पहचान दिलाने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पीएम-आशा के तहत खरीदी और समय पर भुगतान पर जोर
कृषि उत्पादन आयुक्त ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) की समीक्षा करते हुए निर्धारित फसलों की खरीदी और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य पारंपरिक ठोस उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के प्रयासों को गति देना है।
अधिकारियों ने बीज उत्पादन और भंडारण की स्थिति संतोषजनक होने की जानकारी भी दी। किसानों को बिचौलियों के बजाय सीधे बीज निगम के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इसके अलावा, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्यपालन विभागों ने अपनी योजनाओं की प्रगति और किसानों तथा पशुपालकों को लाभान्वित करने के लिए संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।
योजनाओं की समीक्षा से किसानों को मिलेगा लाभ
उल्लेखनीय है कि कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी प्रदेश के विभिन्न संभागों में कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं की समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों का उद्देश्य योजनाओं की जमीनी प्रगति का आकलन करना, समस्याओं का समाधान करना और किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है।
बैठक में कृषि विभाग के संचालक राहुल देव, मार्कफेड के प्रबंध संचालक जितेंद्र शुक्ला, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल, पशुधन विकास विभाग के संचालक चंद्रकांत वर्मा, मत्स्यपालन विभाग के संचालक एन.एस. नाग, मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक महेंद्र सावन्नी सहित रायपुर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



