रायपुर,29 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज करने की तैयारी की है। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नशे के कारोबार में शामिल छोटे विक्रेताओं तक ही कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क और सप्लाई चेन को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने बड़े तस्करों, वित्तीय सहयोगियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मादक पदार्थों की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों, मादक पदार्थों की जब्ती, संपत्ति कुर्की, वाहनों के राजसातीकरण और जब्त नशीले पदार्थों के नष्टीकरण की समीक्षा की गई।

नशे के पूरे नेटवर्क को खत्म करने की तैयारी

विजय शर्मा ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई केवल मामले दर्ज करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके पीछे सक्रिय बड़े कारोबारियों और संगठित गिरोहों की पहचान कर उनके पूरे नेटवर्क पर प्रहार करना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों की विस्तृत मैपिंग की जाए। प्रत्येक मामले में मादक पदार्थों के स्रोत, परिवहन मार्ग, आपूर्तिकर्ताओं, स्थानीय विक्रेताओं और कारोबार को नियंत्रित करने वाले लोगों की पहचान की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल नशीले पदार्थों को ले जाने वाले वाहकों या छोटे पैडलरों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है।

नशे से अर्जित संपत्ति होगी कुर्क

नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को ऐसी संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कुर्की और जब्ती की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में एनडीपीएस एक्ट और सफेमा (SAFEMA) के तहत की गई कार्रवाइयों की समीक्षा भी की गई। इसके साथ ही नशे के कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। इस समिति में चार्टर्ड अकाउंटेंट और वित्तीय एवं विधिक विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, ताकि अवैध कमाई, संपत्तियों और वित्तीय नेटवर्क की गहन जांच की जा सके।

मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच, सूखे नशे पर विशेष अभियान

प्रदेश में सूखे नशे और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। विजय शर्मा ने सभी जिलों में ड्रग इंस्पेक्टरों के साथ समन्वय स्थापित कर मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच और निगरानी करने के निर्देश दिए।

विशेष रूप से स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर कड़ी नजर रखी जाएगी। अवैध रूप से नशीले कैप्सूल, प्रतिबंधित दवाएं, सिरिंज और नीडल बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को ऐसे संवेदनशील स्थानों की पहचान करने के लिए भी कहा गया है, जहां नशे के अवैध कारोबार या सेवन की शिकायतें मिलती हैं। इन स्थानों का नियमित निरीक्षण कर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाएगा।

नशे की तस्करी में इस्तेमाल वाहन होंगे राजसात

मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने जब्त वाहनों के राजसातीकरण और नीलामी की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विशेष अभियान चलाकर आगामी तीन महीनों में अधिक से अधिक पात्र मामलों में वाहनों के राजसातीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संबंधित मामलों को विशेष न्यायालयों में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और न्यायालयीन प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।

इसके अलावा, नशे के अवैध परिवहन या तस्करी के दौरान पुलिस बल पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

31 दिसंबर 2026 तक पुराने जब्त मादक पदार्थों का नष्टीकरण

बैठक में जब्त मादक पदार्थों के लंबित नष्टीकरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। विजय शर्मा ने निर्देश दिए कि 31 दिसंबर 2026 तक 30 जून 2026 या उससे पहले जब्त किए गए छह माह से अधिक पुराने मादक पदार्थों का नष्टीकरण सुनिश्चित किया जाए, बशर्ते उनके निस्तारण की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक न्यायालयीन और प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही जब्त वाहनों के राजसातीकरण और नीलामी से जुड़े लंबित मामलों का भी शीघ्र निराकरण करने को कहा।

एनडीपीएस मामलों में प्रभावी अभियोजन पर जोर

उप मुख्यमंत्री ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायालय में पेश किए जाने वाले मामलों में सभी जरूरी साक्ष्य और दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार दंडित कराया जा सके।

लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और विशेष न्यायालयों की स्थापना की दिशा में आवश्यक प्रयास करने पर भी जोर दिया गया।

नशे की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 1933

नशे के खिलाफ अभियान में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध हेल्पलाइन ‘मानस’ के टोल फ्री नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इस नंबर के माध्यम से नागरिक मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से संबंधित सूचनाएं संबंधित एजेंसियों तक पहुंचा सकते हैं।

विजय शर्मा ने निर्देश दिए कि सोशल मीडिया और अन्य प्रचार माध्यमों से नशे के दुष्प्रभावों तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाए। स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं को भी नशा विरोधी जागरूकता अभियान से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई समाज और देश की सेवा के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प है। इसके लिए पुलिस, प्रशासन और समाज को मिलकर काम करना होगा।

बैठक में सचिव नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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