बेमेतरा, 13 सितंबर 2026
शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा आवश्यक है और इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक बच्चों को किताबी ज्ञान देने के साथ उनके व्यक्तित्व को गढ़ते हैं, संस्कार और सही दिशा देते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रविवार को बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने समारोह में जिले के 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। वहीं बोर्ड एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 42 मेधावी छात्र-छात्राओं को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से गोल्ड मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सम्मानित शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि भारत में गुरु के सम्मान की गौरवशाली परंपरा रही है। शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और संस्कारों से पीढ़ियों का निर्माण करते हैं। एक शिक्षक द्वारा दी गई शिक्षा का प्रभाव केवल विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचता है। इसी कारण शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कहा जाता है।
शिक्षा अज्ञानता के अंधकार को दूर करती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ज्ञान का वह प्रकाश है, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है। यह व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के साथ उसमें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। शिक्षित और संस्कारित नागरिक ही सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र का निर्माण करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ज्ञान और शिक्षा की भूमि रहा है। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध शिक्षा केंद्रों में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी ज्ञान अर्जित करने आते थे। बदलते समय और नई तकनीकों के दौर में शिक्षा का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। ऐसे में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।
हर बच्चे को समान अवसर देना सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना, आधुनिक सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में पीछे न रहे।
उन्होंने कहा कि गांव हो या शहर, गरीब हो या संपन्न परिवार—हर बच्चे को अपनी प्रतिभा निखारने, अच्छी शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए आईआईटी, आईआईएम, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाएं स्थापित हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। नई दिल्ली में भी छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान विद्यार्थी की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें, इसके लिए सरकार छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान कर रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसे आत्मविश्वासी, कुशल और सक्षम युवा तैयार करना है, जो विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
बेमेतरा को गौरव पथ और विद्युत सब-स्टेशन की सौगात
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के विकास के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बेमेतरा शहर में गौरव पथ निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने तथा ग्राम पंचायत तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ-साथ सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। बेहतर अधोसंरचना से विकास की गति तेज होने के साथ नागरिकों का जीवन भी अधिक सुविधाजनक होगा।
जल संरक्षण के कार्यों का सम्मान
समारोह में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर में सुधार के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों को भी सम्मानित किया गया। बेमेतरा जिले को क्रिटिकल जोन से सेमी-क्रिटिकल जोन की दिशा में लाने के प्रयासों के लिए जनपद पंचायत बेमेतरा, बेरला एवं नवागढ़ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। शासन के प्रयासों के साथ जनभागीदारी जुड़ने पर बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने जिले में जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर प्रबुद्ध नागरिकों एवं समाजसेवी संस्थाओं द्वारा प्रकाशित “शिक्षक स्मृति” पत्रिका का भी विमोचन किया गया।
जनकल्याण और सुशासन सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ गरीब, किसान, महिला और युवा सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है।
उन्होंने कहा कि अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, सेवा सेतु और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी पहलों के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सरलता और समयबद्धता के साथ पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कुशल युवा शक्ति तथा सशक्त गांवों और शहरों से विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार होगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से 17 सितंबर की शाम अपने घरों में एक दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, विकास और जनकल्याण के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।
शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माता : अरुण साव
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का स्थान सदैव सर्वोपरि रहा है। शिक्षक अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थी का ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं।
उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षकों का ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर है।
शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी : दयाल दास बघेल
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की शक्ति पैदा करती है। शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक दीपक की तरह ज्ञान का प्रकाश फैलाकर बच्चों का भविष्य संवारते हैं। मंत्री ने सभी सम्मानित शिक्षकों एवं मेधावी विद्यार्थियों को बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में विधायक श्री दीपेश साहू, विधायक श्री ईश्वर साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रह्लाद रजक, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष स्वामी राजीव लोचन दास, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।



