नई दिल्ली, 18 अगस्त 2026
एलन मस्क के नए नियम पर मोदी सरकार का सख्त संदेश
एलन मस्क की कंपनी X ने कंटेंट हटाने के सरकारी अनुरोधों को लेकर एक बड़ा बदलाव करने की घोषणा की है। नए नियम के तहत सरकारों की ओर से भेजे जाने वाले कंटेंट हटाने के अनुरोध सार्वजनिक रूप से दिखाई देंगे।
इसका मतलब है कि अगर किसी सरकार की ओर से X को किसी पोस्ट या कंटेंट को हटाने के लिए कहा जाता है, तो इससे जुड़ी जानकारी यूजर्स के सामने भी उपलब्ध होगी।
मस्क ने किया नए बदलाव का ऐलान
मामले की शुरुआत एलन मस्क के X पर किए गए एक पोस्ट से हुई। मस्क ने नए एल्गोरिदम और सरकारी सेंसरशिप अनुरोधों में पारदर्शिता लाने की बात कही।
मस्क के मुताबिक, सरकारों की ओर से मांगी जाने वाली सेंसरशिप अब सार्वजनिक रूप से दिखाई देगी। इससे पहले ऐसे कई अनुरोध आम यूजर्स की नजर से दूर रहते थे।
X के इस बदलाव के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन और सरकारी सेंसरशिप को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।
भारत में कानून मानना होगा- सरकार
मस्क के ऐलान के बाद सरकार के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि X भारत में काम कर रहा है तो उसे भारतीय कानूनों का पालन करना ही होगा।
सरकार का संदेश साफ है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपने स्तर पर कोई भी नियम बनाए, लेकिन भारत में संचालन के दौरान देश के कानूनों का पालन अनिवार्य होगा।
संजय राउत ने मस्क के फैसले का किया स्वागत
इस मामले में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने एलन मस्क के फैसले का स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि सरकारी आदेशों को सार्वजनिक करने से सेंसरशिप का वास्तविक स्वरूप सामने आएगा। राउत के मुताबिक, अगर कोई सरकार किसी कंटेंट को हटाना चाहती है तो उसे यह कदम खुले तौर पर उठाना चाहिए, न कि छिपकर।
अब बढ़ेगी पारदर्शिता पर बहस
X के नए नियम को लेकर सोशल मीडिया पर सरकारी हस्तक्षेप, सेंसरशिप और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर बहस तेज हो सकती है। वहीं भारत सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्लेटफॉर्म की नीतियां चाहे जो हों, देश में लागू कानूनों का पालन करना जरूरी होगा।



