रायपुर, 08 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्त विभाग के महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से ‘Anjor LIGHT (Anjor Linked Implementation & Guidance for Holistic Tracking)’ तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का पूर्णतः अनुदान प्राप्त होगा।
यह परियोजना छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के प्राथमिकता एजेंडे के प्रभावी क्रियान्वयन, पर्यवेक्षण (Monitoring) और मूल्यांकन (Evaluation) को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
तीन वर्षों तक संचालित होगी परियोजना
Anjor LIGHT परियोजना 1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029 तक तीन वर्षों के लिए संचालित होगी। परियोजना का समन्वय आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के माध्यम से किया जाएगा। राज्य स्तर पर वित्त विभाग नोडल विभाग होगा, जबकि इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संचालनालय संस्थागत वित्त को सौंपी जाएगी।
परियोजना की प्रभावी मॉनिटरिंग और समन्वय के लिए प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (PMU) का गठन भी किया जाएगा।
लोक वित्त प्रबंधन और संस्थागत सुधार पर जोर
परियोजना का प्रमुख उद्देश्य छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के क्रियान्वयन को संस्थागत रूप से सशक्त बनाना और राज्य में समावेशी एवं सतत विकास को बढ़ावा देना है।
इसके अंतर्गत लोक वित्त प्रबंधन (Public Financial Management) को मजबूत किया जाएगा। विजन दस्तावेज में चिन्हित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए परियोजना पाइपलाइन तैयार की जाएगी तथा संस्थागत और नीतिगत सुधारों का आकलन किया जाएगा।
इसके अलावा आउटकम बजटिंग, रियायती जलवायु वित्त, AI आधारित संस्थागत क्षमता विकास, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) तथा पर्यावरण पुनर्स्थापन एवं जलवायु अनुकूल संसाधन प्रबंधन के लिए तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
PPP परियोजनाओं के विकास को मिलेगा बढ़ावा
परियोजना के तहत विभिन्न विभागों के लिए प्राथमिकता आधारित निर्माण एवं विकास परियोजनाओं की पाइपलाइन तैयार की जाएगी। बजटिंग और प्रोक्योरमेंट सुधारों के माध्यम से सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
राज्य सरकार को नीतिगत निर्णयों के लिए मैक्रो-फिस्कल विश्लेषण भी उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (SOEs) की वित्तीय स्थिति, ऋण संधारणीयता और लाभप्रदता मजबूत करने के लिए तकनीकी सहयोग दिया जाएगा।
विजन-2047 के प्राथमिकता क्षेत्रों में कॉन्सेप्ट प्लान, व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Studies) और तकनीकी सहायता के माध्यम से नई PPP परियोजनाओं के विकास को भी गति दी जाएगी।
ग्रीन और ब्लेंडेड फाइनेंस को मिलेगा प्रोत्साहन
परियोजना के माध्यम से राज्य में ग्रीन एवं ब्लेंडेड फाइनेंस को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही आउटकम आधारित बजटिंग, ग्रीन बजटिंग और जलवायु अनुकूल विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
PPP के लिए आवश्यक नीतियां, दिशानिर्देश, फ्रेमवर्क, क्षमता निर्माण और व्यवहार्यता अध्ययन तैयार होने से राज्य में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण विकसित करने में मदद मिलेगी।
राज्य पर नहीं पड़ेगा कोई अतिरिक्त वित्तीय भार
इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह पूरी तरह ADB के अनुदान पर आधारित है। परियोजना के लिए राज्य शासन अथवा भारत सरकार को किसी प्रकार का वित्तीय अंशदान नहीं देना होगा।
इससे राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा, जबकि संस्थागत क्षमता निर्माण, निवेश संवर्धन, हरित एवं सतत विकास और छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति को नई गति मिलेगी।



