रायपुर,6 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिजनों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक में श्रमिक हित से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र श्रमिक तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
नवा रायपुर स्थित मंडल कार्यालय में आयोजित बैठक में मंडल अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, उप सचिव विपुल गुप्ता, अपर श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े, कल्याण प्रशासक सुनील मिश्रा, सचिव गिरीश रामटेके सहित श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक में नवीन सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 के अनुरूप श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत राज्य के 20 चयनित विद्यालयों में निर्माण श्रमिकों के 200 बच्चों को कक्षा 6वीं में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई।
इसके अलावा इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन एवं अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययन करने वाले निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए शैक्षणिक सहायता राशि का एकरूपीकरण करने का निर्णय लिया गया, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन मिल सके।
बैठक में अटल करियर निर्माण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,000 निर्माण श्रमिकों के बच्चों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन और मंडल अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नई योजनाओं की शुरुआत और मौजूदा योजनाओं के सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से प्रत्येक पात्र श्रमिक तक समय पर लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।



