रायपुर, 9 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डुमरतराई स्थित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित नवीन थोक बाजार फेस-2 का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि परिसर का नामकरण लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर किया जाएगा तथा यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज पर उनकी 15 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत आधार दिया। उनके नाम पर इस आधुनिक व्यापारिक परिसर का नामकरण राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित होगा।
उन्होंने कहा कि व्यापार और रोजगार एक-दूसरे के पूरक हैं। जहां आधुनिक व्यापारिक अधोसंरचना विकसित होती है, वहां आर्थिक गतिविधियां, निवेश और रोजगार के अवसर स्वतः बढ़ते हैं। डुमरतराई थोक बाजार रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापार को नई गति देगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस अत्याधुनिक परिसर में चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था तथा आधुनिक व्यापारिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह परियोजना व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ दोनों को समान प्राथमिकता दे रही है। सरकार द्वारा लागू किए गए सुधारों से प्रदेश में व्यापार, उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में व्यापारिक अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। वर्ष 2010 में जिस आधुनिक थोक बाजार की परिकल्पना की गई थी, वह अब साकार हो चुकी है, जिससे व्यापारियों को आधुनिक सुविधाएं मिलने के साथ रायपुर की यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह परियोजना गुणवत्ता, नवाचार और जनसेवा के प्रति मंडल की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है तथा इससे व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन और प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी, व्यापारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि डुमरतराई थोक बाजार का विकास दो चरणों में किया गया है। प्रथम चरण में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकानें एवं हॉल बनाए गए, जबकि द्वितीय चरण में लगभग 145 करोड़ रुपये की लागत से 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया। दोनों चरण पूरे होने के साथ छत्तीसगढ़ को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त थोक व्यापारिक परिसर की सौगात मिली है।
