रायपुर, 4 जुलाई 2026
नई दिल्ली में आयोजित 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और नीति-निर्माताओं ने भाग लेकर पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण, संसाधनों के बेहतर आवंटन और आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यशाला के दौरान स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता, पारदर्शिता, जवाबदेही, बेहतर सेवा प्रदायगी और प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विभिन्न तकनीकी सत्रों में भाग लेते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर प्रस्तुतियों और विचार-विमर्श का अवलोकन किया।
कार्यशाला में साझा की गई जानकारी के अनुसार 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 के दौरान छत्तीसगढ़ को ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए कुल 11,664 करोड़ रुपए का अनुदान मिलेगा। इसमें 9,331 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट और 2,333 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट शामिल हैं। साथ ही, ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अंतर-राज्यीय अनुदान वितरण में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 2.68 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
वर्षवार आवंटन के अनुसार 2026-27 में 1,498 करोड़ रुपए, 2027-28 में 1,663 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट और 248 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट, 2028-29 में 1,846 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट और 624 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट, 2029-30 में 2,049 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट और 693 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट, जबकि 2030-31 में 2,275 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट तथा 768 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट का प्रावधान किया गया है।
यह अनुदान ग्राम पंचायतों और अन्य ग्रामीण स्थानीय निकायों के माध्यम से आधारभूत अधोसंरचना, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
