विजन 2047 की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़: उद्योगों से आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की नई पहल
विजन 2047 की दिशा में छत्तीसगढ़ तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है। नई औद्योगिक नीति, बड़े निवेश प्रस्ताव, रोजगार सृजन, टेक्सटाइल पार्क, एआई, सेमीकंडक्टर और एमएसएमई क्षेत्र में पहल प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की ओर ले जा रही हैं।
निवेश का नया भरोसा बना छत्तीसगढ़, निवेशक-अनुकूल माहौल में देश के बड़े राज्यों में नंबर-1
क्रिसिल-नीति आयोग इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 में छत्तीसगढ़ ने नियमों में आसानी और संस्थागत माहौल में देश के 17 बड़े राज्यों में पहला स्थान हासिल किया। राज्य को पिछले ढाई वर्षों में करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव भी मिले हैं।
विधानसभा में आज ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक होगा पारित, उद्योग निवेश को मिलेगा बढ़ावा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन आज ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक पारित किया जाएगा। इसके साथ ही औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन संशोधन अधिनियम, 63 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, अग्निशमन संशोधन विधेयक, PDS, प्लास्टिक प्रतिबंध और खेल विश्वविद्यालय जैसे अहम मुद्दों पर भी सदन में चर्चा होगी।
CM साय के सुशासन मॉडल की देशभर में चर्चा: डिजिटल सुधारों से छत्तीसगढ़ बना पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन का नया चेहरा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि डिजिटल सुशासन, प्रशासनिक सुधार और तकनीक आधारित सेवाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ में शासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाया जा रहा है। 435 प्रशासनिक सुधारों, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, सेवा सेतु, सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और भूमि सुधारों के जरिए प्रदेश
छत्तीसगढ़ में कारोबार होगा आसान: साय कैबिनेट ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026’ को दी मंजूरी
साय कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियमन-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। सरकार का दावा है कि यह कानून लागू होने पर निवेश, उद्योग और रोजगार को नई गति मिलेगी तथा कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी होगी।
साय कैबिनेट के बड़े फैसले, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, GST संशोधन, NRDA OTS योजना समेत 11 अहम प्रस्तावों को मंजूरी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 11 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, GST एवं VAT संशोधन, बस्तर फाइटर्स नियम संशोधन, NRDA OTS योजना, निजी विश्वविद्यालय संशोधन, औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन और राजनांदगांव ऑडिटोरियम जैसे अहम प्रस्ताव शामिल हैं।



