जगदलपुर, 22 जुलाई 2026। बस्तर में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरी ज्ञानगुड़ी नि:शुल्क कोचिंग ने एक बार फिर शानदार उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री की पहल पर जनवरी 2024 में शुरू हुए इस संस्थान के 90 विद्यार्थियों में से 50 ने NEET-2026 परीक्षा क्वालिफाई कर नया कीर्तिमान बनाया है। इसके अलावा कई छात्रों ने नर्सिंग और अन्य मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन किया है।
संस्थान प्रबंधन के मुताबिक, NEET काउंसलिंग के बाद 8 से 10 विद्यार्थियों के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलने की प्रबल संभावना है। लगातार मिल रही इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि संसाधनों की कमी के बावजूद बस्तर के युवा मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
सफल विद्यार्थियों ने बताया कि ज्ञानगुड़ी में कॉन्सेप्ट आधारित पढ़ाई, नियमित टेस्ट, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और अनुशासित माहौल ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया। उनका कहना है कि यहां केवल परीक्षा की तैयारी ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच भी विकसित की जाती है।
विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा से पहले सामने आए पेपर लीक जैसे मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का मनोबल प्रभावित करती हैं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की मांग की।
सफल छात्राओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से अपील करते हुए कहा कि किसी एक परीक्षा में असफल होने पर जीवन से हार नहीं माननी चाहिए। मेहनत, धैर्य और निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी हैं और हर युवा को अपने लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ते रहना चाहिए।
ज्ञानगुड़ी प्रबंधन का कहना है कि कभी पूरे बस्तर संभाग से NEET के लिए गिने-चुने आवेदन होते थे, लेकिन आज अकेले ज्ञानगुड़ी से बड़ी संख्या में विद्यार्थी सफलता हासिल कर रहे हैं। आने वाले समय में मेडिकल कॉलेजों और सीटों की संख्या बढ़ने से बस्तर के विद्यार्थियों के लिए अवसर और भी व्यापक होंगे।
ज्ञानगुड़ी की यह उपलब्धि नक्सल प्रभावित बस्तर में शिक्षा के माध्यम से हो रहे सकारात्मक बदलाव की एक बड़ी मिसाल बनकर सामने आई है।




