रायपुर, 11 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियमन-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई है। सरकार का कहना है कि यह कानून लागू होने के बाद कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध हो जाएगी।
सरकार के अनुसार, इस विधेयक के लागू होने पर छत्तीसगढ़ ऐसा कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। इसका उद्देश्य निवेशकों को सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलताओं और अनावश्यक देरी से राहत देना है, जिससे राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
विधेयक में डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण (Self Certification), तृतीय-पक्ष सत्यापन (Third Party Verification), जोखिम आधारित निरीक्षण (Risk-Based Inspection) तथा दोहरे लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे उद्योगों को बार-बार निरीक्षण और लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि इन सुधारों से एमएसएमई (MSME) सहित बड़े और छोटे उद्योगों को समान रूप से लाभ मिलेगा। साथ ही विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और उभरते उद्योगों में नए निवेश आकर्षित होंगे तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इस विधेयक को राज्य विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। कानून लागू होने के बाद उद्योगों को आवश्यक मंजूरियां कम समय में मिल सकेंगी और राज्य का कारोबारी माहौल अधिक प्रतिस्पर्धी बनने की उम्मीद है।
उद्योग जगत से जुड़े कई प्रतिनिधियों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि सरकारी प्रक्रियाओं के सरल होने से युवा उद्यमियों, स्टार्टअप्स और नए निवेशकों को बड़ा लाभ मिलेगा तथा प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
