रायपुर, 4 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कवर्धा परियोजना मंडल ने बड़ी सफलता हासिल की है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की संयुक्त टीम ने नर चीतल के अवैध शिकार का खुलासा करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार बोड़ला परियोजना परिक्षेत्र के भलपहरी बीट स्थित जंगल में शिकारियों ने जाल बिछाकर करीब तीन वर्षीय नर चीतल का शिकार किया था। इसके बाद उसका मांस पकाकर आपस में बांटने की तैयारी की जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर दबिश दी और सभी आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से करीब 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस, नायलॉन की रस्सी, तीन कुल्हाड़ियां, स्टील के तार, लकड़ी के फंदे और खून से सना थैला बरामद किया गया। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और वन अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। वन विभाग नियमित गश्त, आधुनिक निगरानी व्यवस्था और मजबूत सूचना तंत्र के माध्यम से ऐसे अपराधों पर लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है।
